Uttrakhand: जिले में बढ़ते ब्लैक स्पॉट बने जानलेवा, सुरक्षा इंतजाम नाकाफी
हल्द्वानी, अमृत विचार। जिले में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल ब्लैक स्पॉट लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं, लेकिन इनके सुधार के लिए किए जा रहे प्रयास अब भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा समिति की ओर से चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर कार्य किए जा रहे हैं, बावजूद इसके कई स्थान आज भी खतरनाक बने हुए हैं।
जिले में वर्तमान में 17 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें शहर के पीलीकोठी, लामाचौड़, बेलबाबा एस मोड़ के अलावा रामनगर, लालकुआं और खनस्यूं क्षेत्र शामिल हैं। पिछले वर्ष जिले में सड़क हादसों में 150 लोगों की मौत हुई थी। वहीं इस वर्ष अब तक 211 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 141 लोगों की जान जा चुकी है और 186 लोग घायल हुए हैं। अधिकांश हादसे ब्लैक स्पॉट वाले क्षेत्रों में ही सामने आए हैं।
अमृत विचार की टीम ने रविवार को शहर और आसपास के दुर्घटना संभावित स्थानों का जायजा लिया। पड़ताल में सामने आया कि कई जगहों पर सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर हैं। अधिकांश स्थानों पर केवल स्पीड लिमिट या तीव्र मोड़ के संकेतक लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है, जबकि पैराफिट, कॉन्वैक्स मिरर, चेतावनी बोर्ड और स्पीड ब्रेकर जैसी जरूरी व्यवस्थाएं नहीं हैं।
पीलीकोठी क्षेत्र ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित है, लेकिन यहां हाईवे पर स्पीड लिमिट बोर्ड के अलावा कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी। इसी तरह लामाचौड़ क्षेत्र में भी दुर्घटनाओं का खतरा बरकरार है। रानीबाग स्थित गुलाबघाटी क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक हैं। यहां सड़क संकरी होने का बोर्ड तो लगाया गया है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह स्थान खुद असुरक्षित बना हुआ है।
सड़क किनारे लगाए गए लोहे के पैराफिट नीचे धंस चुके हैं। ऐसे में हादसे की स्थिति में दोपहिया वाहन सीधे गार्गी नदी में गिर सकते हैं।नैनीताल रोड पर बृजलाल अस्पताल के पास भी पूर्व में कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन यहां भी सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो यहां बड़े हादसे हो सकते हैं।
लालडांठ चौराहा, बस अड्डा और मुखानी शिव मंदिर क्षेत्र भी जोखिम में
हल्द्वानी में लालडांठ चौराहा और बाजपुर बस अड्डे के सामने सड़क की बदहाल स्थिति वाहन चालकों के लिए खतरा बनी हुई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालक और ई-रिक्शा चालक जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो यह स्थान भी भविष्य में ब्लैक स्पॉट बन सकता है।
खनन वाहनों और ई-रिक्शा से बढ़ रही परेशानी
आरटीओ हल्द्वानी में करीब 20 हजार ट्रक पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 13 हजार ट्रक गौला खनन कार्य में लगे हैं। लालकुआं क्षेत्र में होने वाले अधिकांश हादसों के पीछे क्रेशर और खनन वाहनों की तेज आवाजाही को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके अलावा शहर में करीब पांच हजार ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। बेतरतीब तरीके से चलने वाले ई-रिक्शा भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं, जिससे खासकर दोपहिया वाहन चालक अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
वर्तमान में चिन्हित ब्लैक स्पॉट
ब्लैक स्पॉट थाना
लखनपुर चौराहे से पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस तक रामनगर
छोई तिराहे से शमशारा होटल मोड़ तक रामनगर
हिम्मतपुर चौराहा रामनगर
पीरूमदारा रामनगर
टांडा मल्लू रामनगर
रिलाइंस पेट्रोल पंप रामनगर
आमडंडा रामनगर
नथनपीर मजार रामनगर
हल्दुआ रामनगर
पीलीकोठी मुखानी
लामाचौड़ मुखानी
एस मोड़ टांडा जंगल हल्द्वानी
शमशानघाट के पास लालकुआं लालकुआं
वीआईपी गेट लालकुआं लालकुआं
मोटाहल्दू लालकुआं
हल्दूचौड़ से गुमटी तिराहा लालकुआं
छेड़ाखान खनस्यूं
