Uttrakhand:भीमताल में अंग्रेजों के जमाने में निर्मित डैम के निकासी गेटों की मरम्मत शुरू
भीमताल, अमृत विचार। ब्रिटिशकालीन भीमताल डैम में झील के पानी की निकासी वाले गेटों की मरम्मत का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने के बाद डैम के जीर्णोद्धार के लिए केंद्र की विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण किया था। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मनमोहन बिष्ट ने बताया कि वर्तमान में सात नए निकासी गेट बनकर डैम पर पहुंच गए हैं और उन्हें लगाने का कार्य शुरू हो गया है।
भाभा अनुसंधान केंद्र, रुड़की डैम सेफ्टी टीम और केंद्र की विशेषज्ञ टीम ने डैम का बारीकी से सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर धन स्वीकृत हुआ। डैम से हो रहे रिसाव को रोकने में वैज्ञानिकों को सफलता मिल चुकी है। अब सिस्टम-बाय-सिस्टम अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने बताया कि एक बड़ी समस्या अभी भी बाकी है। डैम में कुल नौ निकासी गेट हैं। इनमें से मुख्य गेट पिछले 30 वर्षों से जाम होकर बंद पड़ा है। इसके कारण झील में गाद और मिट्टी जमा होकर सड़ रही है, जिससे झील की निर्मलता प्रभावित हो रही है। उन्होंने मुख्य गेट को शीघ्र खोलने और डैम से संबंधित सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है।
