शिक्षा का नया हब बनेगा यूपी : नैक और वैश्विक मानकों पर होगा फोकस, योगी सरकार ने तैयार किया रोडमैप

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Published By Anjali Singh
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-मंत्री ने साझा की कॉलेजों को उत्कृष्ट बनाने का तैयारी, नैक और वैश्विक मानकों पर होगा फोकस -गुणवत्ता, रिसर्च और डिजिटल शिक्षा सुधार के लिए प्राचार्यों की विशेष कार्यशालाएं शुरू

लखनऊ, अमृत विचार: योगी सरकार ने प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की दिशा में अब नया लक्ष्य तय किया है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों को नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल) में ए , ए और ए ग्रेड तक पहुंचाने के बाद अब सरकार डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाने की तैयारी में जुट गई है। 

इसके लिए कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों को विशेष कार्यशालाओं के जरिए प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सोमवार को विधानसभा में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि सरकार अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिग्री कॉलेजों को भी उत्कृष्टता के नए मानकों तक पहुंचाने पर फोकस कर रही है। 

कॉलेजों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, छात्र संख्या बढ़ाने और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अग्रणी केंद्र बनाना है।

मंत्री ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। पहले अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक सीमित थे, लेकिन अब प्रदेश के सात विश्वविद्यालय ए ग्रेड हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा चार विश्वविद्यालय ए और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड में पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां बी ग्रेड को उपलब्धि माना जाता था, वहीं अब विश्वविद्यालय उत्कृष्टता की नई श्रेणियों में स्थान बना रहे हैं।

अब वैश्विक मंच पर भी बढ़ रही यूपी की पहचान

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हो चुके हैं, जबकि छह विश्वविद्यालयों ने क्यूएस एशिया रैंकिंग में जगह बनाई है। इसके अलावा तीन विश्वविद्यालय यूजीसी की ग्रेड-1 श्रेणी में पहुंच चुके हैं।

प्राचार्यों को सिखाए जा रहे ‘रैंकिंग के मंत्र’

डिग्री कॉलेजों को राष्ट्रीय रैंकिंग दिलाने के लिए सरकार विशेष कार्यशालाएं आयोजित कर रही है। इनमें प्राचार्यों और शिक्षकों को बताया जा रहा है कि संस्थानों में शोध गतिविधियां, डिजिटल संसाधन, अकादमिक माहौल, छात्र सुविधाएं और प्रशासनिक पारदर्शिता बेहतर बनाकर नैक और अन्य रैंकिंग हासिल की जा सकती है।

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