पीएम मोदी ईंधन अपील : UP में कहीं साइकिल से तो कहीं पैदल दफ्तर पहुंचे अधिकारी
लखनऊ/बाराबंकी/वाराणसी। पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण और प्रदूषण को कम करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के अनुरूप उत्तर प्रदेश के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को साइकिल चलाकर, कार्यालयों तक पैदल चलकर या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर पर्यावरण-अनुकूल यात्रा को बढ़ावा दिया।
राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आधिकारिक आवास से कार्यालय तक पहुंचने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया, वहीं राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यालय तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया। लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के निदेशक राधा कृष्ण धीमान अपने आवास से संस्थान तक साइकिल चलाकर पहुंचे।
धीमान ने एक बयान में कहा कि संस्थान के विभिन्न संकायों के सदस्यों, कर्मचारियों और छात्रों को परिसर के भीतर और आसपास अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने तथा जहां संभव हो, पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। धीमान ने कहा कि संस्थान परिसर में विभिन्न स्थानों पर साइकिल स्टैंड स्थापित करने की भी योजना बना रहा है।
उन्होंने कहा कि वाहनों पर निर्भरता कम करने से पेट्रोलियम उत्पादों की बचत होगी, प्रदूषण घटेगा और स्वास्थ्य व फिटनेस में भी सुधार होगा। वहीं, बाराबंकी में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह अतिरिक्त जिलाधिकारी निरंकार सिंह के साथ अपने आवास से पैदल चलकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और आम लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, पैदल चलने को प्राथमिकता दें, ताकि ईंधन की बचत हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।
वाराणसी में महापौर अशोक कुमार तिवारी बृहस्पतिवार को अपने आवास से नगर निगम कार्यालय तक पैदल गये। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि बुधवार को नगर निकाय की बैठक में प्रत्येक शनिवार को 'नो फ्यूल डे' मनाने का सामूहिक निर्णय लिया गया। हालांकि, महापौर ने बृहस्पतिवार से ही रोजाना कार्यालय चलने के अपने संकल्प को लागू करके एक कदम आगे बढ़ाया। कई समर्थक और पार्षद भी इस पहल में शामिल हुए।
तिवारी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के हित में ईंधन संरक्षण की अपील की है। काशी के प्रथम नागरिक के रूप में उदाहरण पेश करना मेरा कर्तव्य है।" उन्होंने कहा, "जब तक बहुत जरूरी न हो, मैं लोगों की सेवा करने और आधिकारिक काम करने के लिए पैदल चलूंगा।"
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यभर में सरकारी काफिलों में तत्काल 50 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने मितव्ययिता अभियान के तहत सार्वजनिक परिवहन, वर्चुअल बैठकों और 'वर्क फ्रॉम होम' व्यवस्था को अधिक अपनाने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि वाहनों पर निर्भरता कम करने से पेट्रोलियम उत्पादों को बचाने, प्रदूषण कम करने और स्वास्थ्य तथा फिटनेस में सुधार करने में मदद मिलेगी।
साइकिल चला कर विधानभवन पहुंचे सुरेश खन्ना
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का असर अब मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना गुरुवार को अपने सरकारी आवास 10 कालिदास मार्ग से विधानसभा स्थित कार्यालय तक साइकिल चलाकर पहुंचे।
मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि वह सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल से कार्यालय आने-जाने का संकल्प निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों की बचत आज राष्ट्रीय आवश्यकता बन गई है। देश को अपनी जरूरत का लगभग 85 से 86 प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पाद विदेशों से आयात करना पड़ता है, जिस पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो आमजन भी इससे प्रेरित होंगे।
