Moradabad : प्रधानमंत्री की अपील से कदमताल कर रहे जनप्रतिनिधि-अधिकारी

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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नगर विधायक, विधान परिषद सदस्य के अलावा जिलाधिकारी और अन्य विभागों के अधिकारियों ने चलाई ई-बाइक

मुरादाबाद, अमृत विचार। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध से उपजे ईंधन के वैश्विक संकट से उबरने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी फ्लीट कम करने के अलावा देश के नागरिकों से भी ईंधन का अपव्यय रोकने, एक साल तक सोना न खरीदने आदि की अपील की है। इसके समर्थन में भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारियों ने सप्ताह में कम से कम दो दिन ई-बाइक या ई- साइकिल चलाने की प्रतिबद्धता जताकर स्वयं भी इसका पालन कर रहे हैं। इस पहल को समर्थन देते हुए नगर निगम ने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को ई-बाईक सौंपी। इसे लेकर शुक्रवार को नगर विधायक, विधान परिषद सदस्य, जिलाधिकारी आदि स्वयं सड़क पर उतरे।

नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल की पहल पर अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने नगर निगम की ओर से जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को ई-बाक प्रदान कीं। इन ई-बाइक्स से शुक्रवार को नगर विधायक रितेश गुप्ता, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया चलाते हुए अपने कार्य स्थल व जनता के बीच पहुंचे। सभी ने इसका प्रयोग जनहित और अपने पदीय कर्तव्य निर्वहन में किया गया। नगर विधायक रितेश गुप्ता शहर की सड़कों पर ई बाइक से निकले तो लोगों में कौतूहल दिखा। वहीं प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील के समर्थन में ई-साइकिल से एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त शहर में निकले। उन्होंने लोगों से भी इसके लिए आगे बढ़ने का आह्वान किया, जबकि जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया अपने आवास से कलक्ट्रेट तक अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार के साथ ही ई-बाइक चलाते हुए पहुंचे। सभी ने जनसामान्य से भी वैश्विक परिदृश्य में देशहित में ईंधन का अपव्यय रोकने के लिए आगे आने की अपील की।

बता दें कि गुरुवार को मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ई-बाइक से ही अपने आवास से कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने विभागों में अगले आदेश तक आनलाईन मीटिंग और बैठकों के अलावा कार्यालय में जनरेटर का अति आवश्यक कार्य में न्यूनतम प्रयोग करने का भी निर्देश दिया। अपने कार्यालय में भी उन्होंने इसे लागू कराया है। अधिकारियों को अनावश्यक मुख्यालय पर न बुलाने के लिए भी कहा है।

महानगर में स्थापित हैं नगर के ई-बाईक सेंटर
नगर निगम की ओर तीन साल पहले ई-बाइक की पहल करते हुए महानगर में दस स्थानों पर ई-बाईक शेयरिंग सेंटर खोला गया। जहां घंटे के हिसाब से किराए पर लोगों को उपलब्ध कराया जाता है। शुरुआत में नागरिकों खासकर युवाओं ने खूब उत्साह दिखाया। लेकिन बाद में लोग इसे भूलते गए। ई-बाईक शेयरिंग सेंटर सूने हो गए। अब प्रधानमंत्री की ईंधन का अपव्यय रोकने की अपील से यह सेंटर फिर गुलजार हो सकते हैं।

यह रेट हैं निर्धारित

समय        रेट

पहले 30 मिनट     दो रुपये

60 मिनट अर्थात एक घंटा     पांच रुपये

दो घंटे        10 रुपये

दो से तीन घंटे        25 रुपये

तीन से चार घंटे    50 रुपये

चार से छह घंटे    100 रुपये

छह से आठ घंटे    200 रुपये

आठ घंटे से अधिक    350 रुपये

सावधान, लापरवाही पर जुर्माना भी
ई-बाइक ले जाने के बाद लापरवाही कर उसे रिटर्न करने के दौरान अधिकृत लोकेशन की जगह अन्यत्र खड़ा कर चल देने, डैमेज करने और 24 घंटे से अधिक समय तक वापस न करने पर पांच हजार रुपये तक पेनल्टी चुकानी पड़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी आह्वान से प्रेरित होकर, राष्ट्रहित में बचत एवं संसाधनों के संरक्षण की दिशा में मेरी ओर से यह छोटा सा प्रयास है। आज हमारी जीवनशैली में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव भी रखेंगे। -रितेश गुप्ता नगर विधायक।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर फ्यूल बचाने का एक छोटा सा प्रयास मेरा भी है। देश और जनहित में सभी को इसके लिए योगदान देना चाहिए। बहुत जरूरी होने पर ही अपने निजी वाहनों का प्रयोग करें। अन्यथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग हितकर होगा। -डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, विधान परिषद सदस्य।

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