लखनऊ में 10,000 आवारा कुत्तों को लगेगी चिप, नगर निगम करेगा काटने वाले और हिंसक कुत्तों की पहचान
अगले महीने से आवारा कुत्तों को चिप लगाएगा नगर निगम 10,000 कुत्तों को पहले चरण में लगेगी चिप, एक वर्ष में पूरा होना है कार्य चिप सेटीकाकरण, बधियाकरण व एबीसी ले जाने की मिलेगा ब्योरा ये भी पता चल जाएगा कि आवारा कुत्ता कितने लोगों को काट चुका है
लखनऊ, अमृत विचार : सुप्रीम कोर्ट ने मानव जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यूपी न्यूज़ , लखनऊ न्यूज़ , आवारा कुत्तों चिप, लखनऊ नगर निगम एक्शन, हिंसक कुत्ते शेल्टर होम , रेबीज संक्रमित, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या खतरनाक आवारा कुत्तों को जान से मारने की अनुमति दे दी है। शहर में ऐसे कुत्तों को नियंत्रित करने और उनको मारने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। इन कुत्तों पर नियंत्रण की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है।
नगर निगम हिंसक हो चुके आवारा कुत्तों को पहचान के लिए चिप लगाएगा। पहले चरण में 10,000 कुत्तों को चिप लगाई जाएगी। ये काम अगले महीने से शुरू कर दिया जाएगा और एक वर्ष में पूरा होगा। चिप में कुत्ते की पूरी जानकारी जैसे टीकाकरण, बधियाकरण और काटने पर उसे कितनी बार एनिमन बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर लाया गया आदि उपलब्ध होगी। चिप से ये भी पता चल जाएगा कि कुत्ता कितने लोगों को काट चुका है।
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ अभिनव वर्मा ने बताया कि आवारा कुत्तों के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश संबंधी जानकारी प्राप्त हुई है। अभी आदेश नहीं मिला है। नगर निगम अगले महीने से आवारा कुत्तों में चिप लगाने का काम शुरू कर देगा। इससे हिंसक हो चुके कुत्ते की जानकारी मिल जाएगी और उसे पकड़ने में आसानी होगी।
चावल के दाने के आकार की होगी चिप
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव ने बताया कि चिप चावल के दाने के आकार की होगी। इसे कुत्ते के गले में इजेक्शन से इन्प्लांट कर दिया जाएगा। इस चिप में डॉग का डेटा सुरक्षित रहेगा। नसबंदी के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से आवारा कुत्ते पकड़कर एबीसी सेंटर लाकर यह चिप इन्प्लांट कर दी जाएगी। चिप में सभी डॉग का एरिया, नसबंदी और टीकाकरण का विवरण और लोगों को काटने की जानकारी उपलब्ध रहेगी।
डॉग शेल्टर होम के लिए केवल एक जगह मिली जमीन
आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले साल आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का आदेश जारी किया था। शासन ने इसके लिए बजट में प्रावधान भी किया है। लेकिन शेल्टर होम बनाने के लिए नगर निगम अभी एक जगह ही चिन्हित कर पाया है। इसके लिए अभी तक टेंडर तक नहीं करा पाया है। जबकि प्रत्येक जोन में एक शेल्टर होम बनाया जाना है।
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