यूपी में संविदा पर 3000 डॉक्टरों की भर्ती, स्वास्थ्य विभाग में हर माह होगा वॉक-इन इंटरव्यू
विशेषज्ञों को मिलेगा तीन लाख मानदेय, एमबीबीएस को एक लाख
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने संविदा पर डॉक्टरों की नियुक्ति का दायरा बढ़ा दिया है। अब एक हजार के बजाय 3000 डॉक्टरों की संविदा पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए वर्ष में दो बार रिक्त पदों का विज्ञापन जारी होगा, जबकि नियुक्ति प्रक्रिया पूरे वर्ष चलाने के लिए प्रत्येक माह वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की कमी दूर करने को नई व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के निर्देश पर नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष पहली मई और पहली नवंबर को जनपदवार रिक्त पदों का विवरण पोर्टल पर जारी किया जाएगा। इसके बाद संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति प्रत्येक माह की 15 तारीख को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करेगी। यदि किसी पद के लिए केवल एक ही आवेदन प्राप्त होता है, तब भी इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एमबीबीएस डॉक्टर को एक लाख, विशेषज्ञ को 2.5 लाख रुपये मानदेय
नई व्यवस्था के तहत संविदा पर नियुक्त एमबीबीएस चिकित्सकों को एक लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया गया है। इतना ही नहीं, संविदा चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की तर्ज पर मानदेय वृद्धि का लाभ भी मिलेगा। उनके मानदेय में प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
बुंदेलखंड में सेवा देने पर मिलेगा अतिरिक्त लाभ
स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गम और चिकित्सक-विहीन क्षेत्रों में विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन भी दिया है। यदि विशेषज्ञ चिकित्सक बुंदेलखंड क्षेत्र, आकांक्षी जिलों या आकांक्षी ब्लॉकों में सेवाएं देते हैं तो उनका मानदेय बढ़ाकर तीन लाख रुपये प्रतिमाह कर दिया जाएगा।
