Saharanpur News : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बना मौत का रास्ता! चार माह में 100 से अधिक मौतों ने बढ़ाई चिंता

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Published By Deepak Mishra
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर थाना रामपुर मनिहारान क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।  हरियाणा से हरिद्वार जा रहे एक परिवार की कार को पीछे से तेज रफ्तार कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कार करीब 10 फीट हवा में उछल गई और उसके परखच्चे उड़ गए।

सहारनपुर। आधुनिक सड़क नेटवर्क ने जहां शहरों के बीच सफर को तेज और आसान बनाया है, वहीं एक्सप्रेसवे पर बेलगाम रफ्तार अब लोगों की जान की दुश्मन बनती जा रही है। शुक्रवार शाम दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर थाना रामपुर मनिहारान क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 

हरियाणा से हरिद्वार जा रहे एक परिवार की कार को पीछे से तेज रफ्तार कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कार करीब 10 फीट हवा में उछल गई और उसके परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में हरियाणा के सोनीपत जिले के मंडारा गांव निवासी प्रवीण कुमार (40), उनकी पत्नी प्रीति (37), मां सुदेश (71) और 9 वर्षीय भतीजे शिवांस की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है।

4 महीने में 100 से अधिक लोगों की गई जान

यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार महीनों में सहारनपुर जिले में सड़क हादसों में करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 250 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक हादसे बिहारीगढ़, सरसावा, नांगल, मिर्जापुर, रामपुर मनिहारान, गागलहेड़ी, देवबंद और नानौता थाना क्षेत्रों में दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सरसावा क्षेत्र में 37 सड़क हादसों में 18 लोगों की मौत, जबकि बिहारीगढ़ में 23 हादसों में 13 लोगों की जान गई। रामपुर मनिहारान और नानौता में भी 18 और 16 मौतों के साथ सड़क हादसों का ग्राफ चिंताजनक बना हुआ है।

क्यों बढ़ रहे हैं हादसे?

यातायात विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश दुर्घटनाओं के पीछे तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, चालक की लापरवाही और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थकान प्रमुख कारण हैं। एक्सप्रेसवे पर वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में दौड़ रहे हैं, जिससे हादसों की गंभीरता भी बढ़ रही है।

पहले भी हो चुके हैं कई बड़े हादसे

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और आसपास के हाईवे पर बीते महीनों में कई बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। 19 जून को सफाई कार्य में लगे मजदूरों के वाहन को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई थी। वहीं, 28 नवंबर 2025 को गागलहेड़ी क्षेत्र में बजरी से भरा डंपर कार पर पलटने से एक ही परिवार के छह लोगों की जान चली गई थी।

इसके अलावा, फतेहपुर क्षेत्र में बाइक दुर्घटना समेत कई हादसे लगातार लोगों की जान ले चुके हैं। लगातार हो रहे हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना और तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण बेहद जरूरी हो गया है। अन्यथा रफ्तार का यह कहर यूं ही परिवारों को उजाड़ता रहेगा।

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