Gold Demand : भारत में सोने की खरीद में आई बड़ी गिरावट, अप्रैल-जून में 1,269 टन खपत; पीएम मोदी की अपील, बढ़ी कीमत; जाने क्या रहे बड़े कारण
WGC रिपोर्ट में खुलासा, केंद्रीय बैंकों ने बढ़ाया सोने का भंडार; महंगी कीमतों से ज्वेलरी की मांग घटी
मुंबई। दुनिया में सोने की मांग अप्रैल-जून तिमाही में लगभग स्थिर रही है। विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में वैश्विक सोने की मांग 1,269 टन दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 1,268.6 टन था। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में सोने की कुल मांग सालाना आधार पर 2 प्रतिशत बढ़कर 2,522 टन रही।
गोल्ड ईटीएफ और सिक्कों में निवेश घटा
डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में सोने के गोल्ड ईटीएफ, बिस्कुट और सिक्कों में निवेश घटकर 262 टन रह गया। सोने की कीमतों में नरमी आने के कारण साल की शुरुआत में दिखी निवेश की तेज रफ्तार धीमी पड़ गई। अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड समर्थित ईटीएफ से करीब 45 टन की निकासी हुई। हालांकि, पहली छमाही में ईटीएफ की कुल मांग 18 टन के साथ सकारात्मक बनी रही।
केंद्रीय बैंकों ने खरीदा ज्यादा सोना
डब्ल्यूजीसी के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में दुनिया के केंद्रीय बैंकों और सरकारी संस्थानों ने अपने सोने के भंडार में 289 टन सोना जोड़ा, जो पिछले साल की तुलना में 62 प्रतिशत ज्यादा है। रिपोर्ट में बताया गया कि पोलैंड, चीन और चेक गणराज्य जैसे देशों ने सोने की खरीद बढ़ाई। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी इस तिमाही में 200 किलोग्राम सोना खरीदा।
महंगी कीमतों से ज्वेलरी की मांग प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार, सोने की ऊंची कीमतों का असर आभूषण बाजार पर भी पड़ा है। ग्राहकों ने कम मात्रा में सोना खरीदा और हल्के आभूषणों को प्राथमिकता दी। इसके चलते दूसरी तिमाही में ज्वेलरी की मांग सालाना आधार पर 17 प्रतिशत घट गई। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मूल्य के हिसाब से ज्वेलरी बाजार मजबूत बना रहा।
सोने की आपूर्ति भी रही स्थिर
अप्रैल-जून तिमाही में सोने की कुल वैश्विक आपूर्ति भी 1,269 टन पर स्थिर रही। खदानों से सोने का उत्पादन करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 966 टन रहा। वहीं, ऊंची कीमतों के बावजूद पुराने सोने की रिसाइक्लिंग में कमी आई और इसमें सालाना आधार पर 6 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। डब्ल्यूजीसी के विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में निवेश की मांग सोने के बाजार को मजबूती दे सकती है।
