सीएमओ की फटकार के अगले ही दिन फिर खुली पोल! CHC माल में मरीजों को लिखी जा रहीं बाहर की दवाएं
500-700 मरीजों की रोजाना OPD, पर्चे की आधी दवाएं भी अस्पताल में नहीं; महंगी दवाओं के खर्च से मरीज इलाज अधूरा छोड़ने को मजबूर
लखनऊ/ माल, अमृत विचार : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माल में बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत पर सीएमओ की सख्त हिदायत भी डॉक्टरों पर बेअसर है। गुरुवार को शिकायत का संज्ञान लेकर सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन शुक्रवार को भी मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए पर्चे थमाए जाते रहे। महंगी दवाओं का खर्च उठाना मरीजों की मजबूरी बन गया है। कई मरीज इलाज बीच में छोड़ने को विवश हैं।
सीएचसी माल की ओपीडी में रोजाना करीब 500 से 700 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टर पर्चे पर पांच से सात दवाएं लिखते हैं, लेकिन इनमें से आधी से भी कम दवाएं अस्पताल में उपलब्ध होती हैं। बाकी दवाओं के लिए मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
इस मामले में अमृत विचार ने गुरुवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. धनंजय कुशवाहा को फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधारने और बाहर की दवाएं लिखने वाले चिकित्सकों को चिन्हित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शुक्रवार को मरीजों को बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायत सामने आई।
अस्पताल में दवा नहीं मिली तो बाहर जाने को कहा
मरीज मनोरमा (पंजीकरण संख्या 52006) ने बताया कि डॉक्टर ने जो दवा लिखी, वह अस्पताल में नहीं मिली। उन्हें बाहर की दुकान से दवा लेने के लिए कहा गया। उनका कहना था कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आई थीं और उम्मीद थी कि दवा भी यहीं मिलेगी, लेकिन मजबूरी में बाहर से खरीदनी पड़ी। इसी तरह अनिल कुमार (पंजीकरण संख्या 48645) ने भी पर्चे पर लिखी दवा अस्पताल में नहीं मिलने और बाहर से खरीदने की बात कही।
ऐसी लिखावट कि मरीज पढ़ न पाए, मेडिकल स्टोर वाला समझ जाए
मामले का एक और गंभीर पहलू डॉक्टरों की लिखावट है। सरकारी पर्चों पर दवाएं ऐसी लिखावट में लिखी जा रही हैं, जिसे आम मरीज और तीमारदार समझ नहीं पाते। वहीं निजी मेडिकल स्टोर के कर्मचारी कथित तौर पर उसी पर्चे को आसानी से पढ़कर दवा दे देते हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पहले ही डॉक्टरों को दवाओं के नाम स्पष्ट लिखावट में लिखने के निर्देश दे चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ पर्चों पर ऐसी लिखावट या संकेतों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है, जिन्हें डॉक्टर और संबंधित मेडिकल स्टोर के कर्मचारी ही समझते हैं।
पंजीकरण के लिए भी मरीजों की लंबी कतार
सीएचसी की पंजीकरण व्यवस्था भी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। कई दिनों से सर्वर में खराबी के चलते पर्चे मैनुअल बनाए जा रहे हैं। शुक्रवार को भी पंजीकरण के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मरीजों का आरोप है कि कर्मचारियों की सुस्ती के कारण उन्हें आधे घंटे से अधिक समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ा।
बाहर की दवा लिखी तो होगी कार्रवाई : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि बाहर से दवा लिखने की शिकायत पर अधीक्षक को संबंधित चिकित्सकों को चिन्हित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी डॉक्टर को बाहर की दवा न लिखने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ तो जांच कराकर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अधीक्षक डॉ. धनंजय कुशवाहा ने बताया कि वह दो दिन से अवकाश पर हैं। शिकायत का संज्ञान लेकर अस्पताल के व्हाट्सऐप ग्रुप पर सभी डॉक्टरों को बाहर की दवाएं न लिखने की सख्त हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद यदि किसी डॉक्टर ने बाहर की दवा लिखी है तो उसे चिन्हित कर सीएमओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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