ओमान भेजने के नाम पर फर्जी वीजा-टिकट, नीदरलैंड से दोस्त आने का झांसा देकर ठगे 85,800; जानें क्या है पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

चिनहट निवासी महिला से की थी ठगी, एफआईआर दर्ज, जांच शुरू

लखनऊ, अमृत विचार। विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों को ओमान भेजने के नाम पर तीन लाख रुपये हड़पने और फर्जी वीजा-टिकट देने का मामला सामने आया है। मटियारी निवासी रामकली के मुताबिक, अली और रेहान का बालागंज चौराहे पर ऑफिस है। उन्होंने विदेश में 30 से 35 हजार रुपये मासिक वेतन, रहने और खाने की सुविधा का झांसा दिया। इसके बाद रामकली ने अपने बेटे रोहित कुमार, दामाद विजय शंकर और रिश्तेदार अजय को ओमान भेजने की तैयारी की। 

पीड़िता के मुताबिक, तीनों को विदेश भेजने के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये खर्च बताया गया। एक जनवरी 2026 को तीनों का निशातगंज स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर में मेडिकल कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने तीन लाख रुपये देने का दबाव बनाया।

रामकली के मुताबिक, आठ जनवरी को उसने डायमंड पब्लिक स्कूल, मटियारी में अली और रेहान को 2.80 लाख रुपये नकद दिए। बाकी 20 हजार रुपये 15 जनवरी को अली के खाते में भेजे। आरोपियों ने 15 दिन में वीजा और टिकट देने का भरोसा दिया था। कई दिन तक टालमटोल करने के बाद आरोपियों ने लखनऊ से मस्कट का वीजा और टिकट उपलब्ध कराया। बाद में जांच कराने पर इनके फर्जी होने की जानकारी हुई।

पैसा और पासपोर्ट मांगने पर धमकी

पीड़िता ने बताया कि रकम वापस मांगने के साथ उसने अपना पासपोर्ट भी वापस मांगा, लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। रामकली पहले ठाकुरगंज थाने पहुंची और पुलिस को दस्तावेज दिखाए। इसके बाद रेहान को बुलाया गया। अगले दिन उसे चिनहट थाने में शिकायत करने को कहा गया। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

हसनगंज निवासी युवती को साइबर ठगों ने जाल में फंसाया

हसनगंज के निरालानगर निवासी रेनू उपाध्याय को जाल में फंसा साइबर जालसाजों ने 85,800 रुपये ठग लिये। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। निरालानगर निवासी रेनू उपाध्याय के मुताबिक, 19 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे उनकी बेटी सृजन उपाध्याय के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उसका दोस्त नीदरलैंड से आया है और उसके पास अधिक यूरो करेंसी है। 

इसके लिए 85,800 रुपये गूगल-पे के एक नंबर पर भेजने को कहा गया। बातों में आकर रेनू ने अपने एक पारिवारिक संबंधी के पेटीएम नंबर से बताए गए नंबर पर 85,800 रुपये ट्रांसफर करा दिए। कुछ देर बाद फिर फोन आया और कहा कि उसके पास कुछ आभूषण हैं, जिन पर टैक्स देना है। इसके लिए दो लाख रुपये और भेजने को कहा गया। इस पर रेनू को शक हुआ उन्होंने हसनगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

ये भी पढ़ें : 
बारिश से लखनऊ की सड़कें बदहाल: जगह-जगह गड्ढे, हजरतगंज-गोमती नगर में गिरकर चोटिल हो रहे लोग

संबंधित समाचार