Shahjahanpur News : शाहजहांपुर के पार्षदों ने भ्रष्टाचार की कमाई मिल-बांटकर खाने की कसम खाई, फजीहत के बाद कईयों के फोन बंद
वीडियो वायरल होने के बाद से नगर निगम में बढ़ी हलचल
नगर निगम के सामने जिस रेस्टोरेंट के हॉल में पार्षद एकत्रित हुए थे, उसमें भाजपा के साथ ही दूसरे दलों के भी पार्षद थे। एक गैर भाजपाई लंबे कद के पार्षद ने कसम लेते हुए का वीडियो बनाकर अपने पास रख लिया था। वीडियो सोमवार के पहले तक सुरक्षित था, लेकिन सोमवार को अचानक से सोशल मीडिया पर यह वीडियो ऐसा वायरल हुआ कि पूरे देश ने देखा।
अमृत विचार : शाहजहांपुर नगर निगम के पार्षदों का कथित भ्रष्टाचार की कमाई मिल-बांटकर खाने की कसम खाने से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद निगम असहज है। खूब फजीहत हो रही है। अधिकारी खामोश हैं। कई पार्षदों के फोन बंद हैं। वो सफाई देने से भी कतरा रहे हैं। वीडियो में कसमें खाने वाले पार्षद अब खुद को बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी वीडियो ने नगर निगम में पारदर्शिता और कथित भ्रष्टाचार को लेकर बहस तेज कर दी है। खास बात यह है कि वीडियो में नजर आ रहे पार्षदों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में वीडियो वायरल होने के बाद मामला और भी सुर्खियों में आ गया है।
क्या है पूरा खेल
आठ माह पहले की बात है। नगर निगम के कुछ पार्षद स्ट्रीट लाइटों के मेंटीनेंस का ठेका लेने वाली ई स्मार्ट कंपनी के खिलाफ एकजुट हो गए थे। यह कंपनी नगर निगम से हर महीने क्षेत्र में स्मार्ट लाइटों के मेंटीनेंस के बदले 38 लाख रुपये भुगतान लेती थी, इसके बाद भी नगर निगम क्षेत्र की अधिकांश लाइटें खराब पड़ी रहती थीं। आरोप था कि कंपनी कुछ पार्षदों को लाभ देती है, बाकी का काम नहीं करती है। कंपनी का टेंडर निरस्त करने की मांग को लेकर सात पार्षद धरने पर बैठ गए थे, इसके बाद नगर आयुक्त ने कंपनी का टेंडर ही निरस्त कर दिया था, कंपनी का भुगतान भी रोक दिया गया था।
इसके दो तीन दिन के बाद नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई, बैठक से पहले ही कंपनी ने कुछ पार्षदों को अपने पाले में कर लिया। बोर्ड बैठक में करीब 35 पार्षदों ने फिर से ई स्मार्ट कंपनी को स्ट्रीट लाइट के मेंटीनेंस का ठेका देने के लिए एकजुटता दिखाई। हालांकि बाद में कंपनी अपने पुराने भुगतान को लेकर कोर्ट में नगर निगम शाहजहांपुर से लड़ाई लड़ रही है। स्ट्रीट लाइट मेंटीनेंस का काम अब नगर निगम की टीम खुद ही देखती है।
जिस दिन नगर आयुक्त ने ई स्मार्ट कंपनी का टेंडर डिसमिस किया था, उसी दिन नगर निगम के सामने एक रेस्टोरेंट के हॉल में सभी पार्षद एकत्रित हुए थे। इस एकत्रीकरण के दौरान एक पार्षद पति शोर मचा कर यह कह रहे थे कि कददू कटेगा तो सब में बंटेगा। इसके बाद ही दूसरे पार्षद ने एकजुटता के लिए सभी से हाथ में जल लेकर कसम दिलाई कि नगर निगम की कमाई में हिस्सा लेकर रहेंगे।
अब जानिये किसने बनाया वीडियो
नगर निगम के सामने जिस रेस्टोरेंट के हॉल में पार्षद एकत्रित हुए थे, उसमें भाजपा के साथ ही दूसरे दलों के भी पार्षद थे। एक गैर भाजपाई लंबे कद के पार्षद ने कसम लेते हुए का वीडियो बनाकर अपने पास रख लिया था। वीडियो सोमवार के पहले तक सुरक्षित था, लेकिन सोमवार को अचानक से सोशल मीडिया पर यह वीडियो ऐसा वायरल हुआ कि पूरे देश ने देखा।
...तो करोड़पति पार्षद का हाथ
दरअसल, शाहजहांपुर नगर निगम में हाल में एक ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। ठेकेदार सुनील सिंह पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र दाखिल कर नगर निगम से करोड़ों के ठेके लिए। उन्हें ठेके दिलाने में गर्रा पार के एक पार्षद का हाथ था, ठेके दिलाने के बदले पार्षद ने भी मोटी रकम ठेकेदार से ली। आगे के काम के लिए जब बात नहीं बनी तो पार्षद ने ही ठेकेदार की शिकायत कर दी, जिस पर नगर निगम की ओर से ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया। इस प्रकरण में ठेकेदार पर तो मुकदमा लिखा ही, लेकिन पार्षद भी मीडिया के निशाने पर आ गए। पार्षद बनने से पहले तक मामूली हैसियत वाले इस पार्षद के पास अब करोड़ों की बिल्डिंगें, कार, बैंक बैलेंस है। अब यह मामला कैसे दबे तो आठ माह पहले के हिस्सेदारी वाले वीडियो को वायरल कराया गया, ताकि करोड़पति पार्षद का प्रकरण लोग भूल जाएं।
कसम दिलाने वाले पार्षद लालू पुजारी की सफाई
वायरल वीडियो में जो पार्षद कसम दिला रहे हैं, उनका नाम लालू पुजारी है। वायरल वीडियो को लेकर लालू पुजारी ने सफाई देते हुए कहा कि नगर निगम में राज्य वित्त और 15वें वित्त से बजट मिलता है। बताया कि महापौर ने कुछ ही वार्डों में बजट जारी किया था। इस वीडियो में वह अपने साथियों को उसी बजट से अपने वार्डों में काम कराने के लिए हिस्सेदारी की बात कर रहे हैं। बोले कि अगर पूरा वीडियो वायरल होता तो सबकी समझ में आता, लेकिन वीडियो का कुछ हिस्सा ही वायरल किया गया। उन्होंने कहा कि कोई भी पार्षद गलत नहीं है, वीडियो के कुछ हिस्से को काट कर वायरल कर देने से ही गलतफहमी बनी हुई है।
