Banda News : खेत से लौटते वक्त उफनते नाले में बहे 4 लोग, 3 की दर्दनाक मौत; तैरकर बचे शख्स के सामने उजड़ गया परिवार
खेत से लौटते समय नाले में डूबने से 3 ग्रामीणों की मौत
बांदा के गुजेनी गांव में खेत से लौटते समय 4 लोग उफनते नाले में बह गए। इस दर्दनाक हादसे में 3 की मौत हो गई, जबकि एक ने तैरकर जान बचाई।
बांदा, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में भारी बारिश के बाद एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत से घर लौट रहे चार लोग एक उफनते नाले को पार करते समय तेज बहाव में बह गए। इस हादसे में तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
कैसे हुआ हादसा?
यह हृदयविदारक घटना बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र स्थित गुजेनी गांव की है। मंगलवार को गांव के कुछ लोग नाले के दूसरी ओर अपने खेतों में काम करने गए थे। दिनभर हुई भारी बारिश के कारण 'बहा नाले' में अचानक पानी का स्तर काफी बढ़ गया था। शाम को रामखेलावन अपनी पत्नी कुसुमरानी (30), भतीजे कोमल (27) और एक अन्य महिला सिया (50) के साथ घर लौट रहे थे। घर पहुंचने के लिए उन्हें उफनता हुआ यह नाला पार करना था। पानी अधिक होने के बावजूद चारों ने नाले को तैरकर पार करने की कोशिश की। लेकिन बीच में पहुंचते ही पानी के तेज बहाव ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
आंखों के सामने बही पत्नी और भतीजा
चारों लोग पानी की तेज धारा में बहने लगे। रामखेलावन किसी तरह संघर्ष करते हुए तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही उनकी पत्नी कुसुमरानी, भतीजा कोमल और सिया तेज बहाव में बह गए।
बाहर निकलने के बाद बदहवास रामखेलावन ने तुरंत गांव वालों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर दौड़े और पुलिस को अलर्ट किया। पुलिस और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शव नाले से बरामद कर लिए गए।
तीन मौतों से गांव में पसरा मातम, परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले कोमल अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। कुसुमरानी के दो बेटे हैं, जबकि मृतका सिया का एक बेटा है। एक ही दिन में गांव से तीन अर्थियां उठने से परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गुजेनी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुल न होने से हर साल बना रहता है मौत का खतरा
ग्रामीणों ने प्रशासन की अनदेखी पर भी सवाल उठाए हैं। गुजेनी का यह 'बहा नाला' पारा और भाटी गांवों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है, लेकिन आज तक इस पर कोई पक्का पुल या रास्ता नहीं बन सका है। हर साल बारिश के मौसम में नाले का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो जाता है।
विधायक ने बंधाया ढांढस
घटना की सूचना मिलते ही बबेरू क्षेत्र के विधायक विशंभर सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। वहीं, मरका थाना प्रभारी सूबेदार बिंद ने बताया कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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