Shravasti News: देश के प्रथम गांव तक पहुंचने के लिए नहीं है सुगम रास्ता, अनुसूचित जनजाति विकास की खुल रही पोल
श्रावस्ती, अमृत विचार। प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव को देश का प्रथम ग्राम कहकर उसके चौमुखी विकास की बात कहते है। वहीं दूसरी तरफ नेपाल सीमा से सटे थारू बाहुल्य भचकाही गाँव तक पहुंचने का कोई सुगम मार्ग नहीं है। यह है सिरसिया के सीरिनिया मोड़ से भचकाही गांव को जाने वाला मार्ग।

भचकाही गांव को मुख्यमार्ग से जोड़ने वाले जंगल के पगडंडी मार्ग पर पड़ने वाले पहाड़ी नाले में डूबने से विगत माह दो बच्चों की मौत हो गई थी। ऐसे में ग्रामीण ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय, थाना सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में जाने से के लिए इसी मार्ग का सहारा लेने को विवश है। यही नहीं इसी मार्ग से बच्चे स्कूल भी जाते है। गांव को अन्य गांवों सहित जिले व देश प्रदेश के अन्य जिलों से जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क जर्जर है। बरसात में इस मार्ग की हालत और खराब हो गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक लोक निर्माण विभाग ने इस सड़क की मरम्मत फरवरी माह में ही कराया था। निर्माण में बरती गई अनियमितता व महज खानापूर्ति के कारण मरम्मत के कुछ समय बाद ही मार्ग की हालत फिर से खराब हो गई। ऐसे में ग्रामीण राजकुमार यादव, प्रताप नारायण, ईश्वरदीन चौधरी, बृजनाथ, भागीराम, हरिराम, दयाराम आदि ग्रामीणों ने डीएम अन्नपूर्णा गर्ग से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने व मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है।
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