Rampur News : खजुरिया कलां गांव में तीन वर्षीय मासूम में जापानी बुखार की पुष्टि

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, परिवार के 8 सदस्यों की सैंपलिंग

बिलासपुर के खजुरिया कलां गांव में एक 3 वर्षीय मासूम में जापानी बुखार (Japanese Encephalitis) की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।

बिलासपुर, अमृत विचार। बिलासपुर क्षेत्र के गांव खजुरिया कलां में तीन वर्षीय मासूम को जापानी बुखार (जापानी इंसेफेलाइटिस) ने अपनी चपेट में ले लिया। जांच में जापानी बुखार की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। वहीं विभाग ने परिवार के आठ सदस्यों की सैंपलिंग की। साथ ही संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रभावित क्षेत्र व मकान को सैनिटाइज कराया गया है।

खजुरिया कलां गांव निवासी नाहिद खां पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं। उनके तीन वर्षीय पुत्र अबुजर को पिछले एक सप्ताह से लगातार तेज बुखार आ रहा था। परिजन ने पहले उसका स्थानीय स्तर पर उपचार कराया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बच्चे की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसे 29 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए। वहां मासूम को भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने मासूम के खून समेत अन्य सैंपल की जांच करवाई। जिसमें मासूम जापानी बुखार के वायरस से पीड़ित निकलने पर अस्पताल में खलबली मच गई। फिलहाल बच्चे का इलाज आईसीयू में चल रहा है और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है। बाद में अस्पताल प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए रामपुर जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा सिंह को एक पत्र भेजकर अवगत कराया। वहीं रामपुर मुख्यालय से निर्देश मिलते ही स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र की टीम दवाओं और सैंपलिंग किट के साथ खजुरिया कलां गांव पहुंची। टीम ने पीड़ित मासूम अबुजर के माता-पिता और भाई-बहनों समेत परिवार के कुल आठ सदस्यों के ब्लड सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम ने पीड़ित के पूरे मकान को अच्छी तरह सैनिटाइज किया है। साथ ही नालियों में जलभराव वाले स्थानों पर एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग कराई गई।

चिकित्सकों के अनुसार जापानी बुखार क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है और यह सीधे इंसान के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र यानी दिमाग पर हमला करता है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है, कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं। यदि किसी भी बच्चे को तेज बुखार के साथ झटके आने या बेहोशी के लक्षण दिखें तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें।

मासूम को नानी के घर आया तेज बुखार
पिता ने बताया कि अबुजर 18 अगस्त को बरेली जनपद के मीरगंज स्थित अपनी नानी के घर गया था। जहां उसे अचानक तेज बुखार ने जकड़ लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे वापस घर ले आए और स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। बताया कि अस्पताल में एक सप्ताह तक बच्चे का इलाज चला। राहत न मिलने पर चिकित्सक की सलाह पर उसे तुरंत उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को जापानी बुखार की पुष्टि हुई। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में मासूम का उपचार जारी है।

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