कानपुर RTO में अवैध वसूली का खेल! दो ARTO निलंबित, 15 के खिलाफ FIR, जानें पूरा मामला

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कानपुर RTO में अवैध वसूली और अनियमितता के मामले में शासन ने दो ARTO को निलंबित कर दिया है। 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। औचक निरीक्षण में 11 संदिग्धों से 43,485 रुपये बरामद हुए। एक ट्रक चालक से 26,750 रुपये लेने के बावजूद 21,750 रुपये की रसीद देने का मामला भी सामने आया।

लखनऊ, अमृत विचार। कानपुर नगर के संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) में अनियमितता और अवैध वसूली के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर कानपुर नगर की दो सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) सोमलता यादव और आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वहीं, RTO (प्रशासन) राकेन्द्र सिंह से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।मामले में कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। शासन ने पूरे मामले की जांच के लिए उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया है।

औचक निरीक्षण में पकड़े गए 11 संदिग्ध

प्राप्त शिकायतों के बाद जिलाधिकारी कानपुर ने अपर पुलिस उपायुक्त और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कानपुर नगर से संभागीय एवं सहायक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण कराया। टीम ने कार्यालय में मौजूद करीब 50 लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान 11 संदिग्ध लोग मिले, जिन पर आवेदकों से वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर कथित तौर पर धोखाधड़ी और अवैध वसूली करने का आरोप है

। इनके पास से 43,485 रुपये नकद बरामद हुए। जांच में कार्यालय के लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार की भी कथित संलिप्तता सामने आई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।

ट्रक चालक से लिए 26,750 रुपये, रसीद मिली 21,750 की

निरीक्षण के दौरान अवैध लेनदेन का एक और मामला सामने आया। वाहन संख्या यूपी 91 एटी 4251 के चालक ने बताया कि कार्यालय के एक कर्मचारी ने उससे 26,750 रुपये लिए, जबकि उसे सिर्फ 21,750 रुपये की जमा पर्ची दी गई। जांच टीम ने उपलब्ध नकदी का मिलान किया तो इस संबंध में भी अनियमितता सामने आई। इस मामले ने परिवहन कार्यालय में चल रही कथित अवैध वसूली और लेनदेन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अनधिकृत लोगों से काम कराने पर मंत्री ने जताई नाराजगी

जिलाधिकारी ने औचक निरीक्षण की रिपोर्ट परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजी थी। इसके बाद शासन स्तर से कार्रवाई की गई। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि शासन और मुख्यालय की ओर से परिवहन कार्यालयों में अनधिकृत लोगों से काम न कराने के स्पष्ट निर्देश लगातार दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद कानपुर के परिवहन कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अनधिकृत लोगों से काम कराया जा रहा था और पैसों का अवैध लेनदेन हो रहा था। उन्होंने कहा कि यह संबंधित पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की शिथिलता को दर्शाता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

निलंबन अवधि में मुख्यालय से संबद्ध रहेंगी दोनों ARTO

निलंबित की गईं सोमलता यादव और आलोक कुमार को निलंबन अवधि में परिवहन मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच के लिए शासन ने उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया है। वहीं, RTO (प्रशासन) राकेन्द्र सिंह से 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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