बिहार बाढ़ : पटना में खतरे के निशान से ऊपर पहुंची गंगा, बाढ़ के बीच CM सम्राट ने अफसरों को दिया अलर्ट रहने का निर्देश

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पटना में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पटना। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए पटना और आसपास के इलाकों भोजपुर, नालंदा, सारण, वैशाली, लखीसराय, बेगूसराय और जहानाबाद के नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। जल संसाधन विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पटना जिले में गांधी घाट तथा हाथीदह (मोकामा) में दिनांक 04 सितंबर दोपहर के समय गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम जल स्तर को पार करने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने पटना के आसपास गंगा जलस्तर का लिया जायजा

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गंगा तट पर पटना के संवेदनशील स्थानों का आकलन किया। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को होने वाली संभावित परेशानी और बाढ़ की आशंका को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने तथा सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया और अधिकारियों को राहत एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया की सभी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन से तटबंधों और अन्य संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी करने तथा क्षति या टूटने के किसी भी संकेत की तत्काल सूचना देने को कहा  कि स्थिति से निपटने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम पहले से उठाए जाने चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को बाढ़ से निपटने के निर्देश दिए 

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को संभावित बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने सोशल साइट 'एक्स' पर लिखा है कि अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय पर राहत एवं बचाव कार्य, सुरक्षित स्थानों पर लोगों को ले जाने तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। 

उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी जल संसाधन विभाग के कमान एवं नियंत्रण केंद्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

आपदा प्रबंधन विभाग का अलर्ट

विभाग के अनुसार गंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि एवं उससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते नदी के किनारे एवं निचले क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वह पूर्ण सतर्कता एवं सावधानी बरतें तथा किसी भी प्रकार का जोखिम न लें। आपदा प्रबंधन विभाग ने अपने निर्देश में कहा है कि नदी, घाट, तटबंध एवं निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नही जाएं। बच्चों, बुजुर्गों तथा दिव्यांगजनों को नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखा जाए। 

आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से यह जानकारी दी। डीएमडी ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों में गंगा तट तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी, घाटों, तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

विभाग की ओर से जारी परामर्श 

गंगा में स्नान या तैराकी, अनावश्यक नाव यात्राकरने से बचे।

नदी के आसपास किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधि नहीं करने की सलाह। 

लोग अपने आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन, टॉर्च, पेयजल और अन्य आपातकालीन सामग्री तैयार रखें। 

निर्धारित सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में जाने के लिए तैयार रहें लोग। 

डीएमडी ने लोगों से केवल सरकारी परामर्श पर भरोसा करने तथा बाढ़ की स्थिति में प्रशासन और बचाव दलों के निर्देशों का तत्काल पालन करने की अपील की है। विभाग ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर या स्थानीय प्रशासन से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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