पीलीभीत: जगदेव सिंह जग्गा जिला अध्यक्ष और यूसुफ कादरी बने सपा महासचिव
पीलीभीत, अमृत विचार। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार सपा हाईकमान ने पीलीभीत जिले में नए जिला अध्यक्ष और महासचिव की नियुक्ति कर ही दी। जिले के तेजतर्रार नेता जगदेव सिंह जग्गा को जिलाध्यक्ष और यूसुफ कादरी को महासचिव बनाया गया है। हटाए गए जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव लगातार 15 सालों तक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष …
पीलीभीत, अमृत विचार। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार सपा हाईकमान ने पीलीभीत जिले में नए जिला अध्यक्ष और महासचिव की नियुक्ति कर ही दी। जिले के तेजतर्रार नेता जगदेव सिंह जग्गा को जिलाध्यक्ष और यूसुफ कादरी को महासचिव बनाया गया है। हटाए गए जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव लगातार 15 सालों तक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं। इस फेरबदल के बाद जिले की सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
आनंद सिंह यादव पहले समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्हें सपा की कमान दे दी गई। जिला अध्यक्ष बनाए गए और लगातार 15 साल तक इस पद पर काबिज रहे। उन्होंने समाजवादी पार्टी को एक नई ऊंचाइयां भी दी। हाईकमान पर फेरबदल के लिए काफी अरसे से दबाव बनाया जा रहा था। लंबी अवधि तक जिला अध्यक्ष होने के कारण आनंद सिंह यादव का विरोध भी बढ़ता चला गया। दूसरा कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी हटने की अटकलें लगाई जाने लगी थी लेकिन पार्टी में जबरदस्त पैठ होने के कारण तमाम विरोध के बावजूद बार-बार जिला अध्यक्ष बनते रहे।
आनंद सिंह को पार्टी के दिग्गज पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद कब पूरा वरदहस्त प्राप्त था इसलिए लाख कोशिशों के बाद भी उन्हें कोई डिगा नहीं पाया। पार्टी में आनंद सिंह यादव के विशेष जैक माने जाने वाले एसआरएस यादव की मृत्यु के बाद उनको हटाने की मुहिम तेज हो गई। दोनों पक्ष हाईकमान के संपर्क में रहें। पार्टी का एक बड़ा धड़ा लगातार हाईकमान के संपर्क में रहा जबकि आनंद सिंह यादव भी निरंतर अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रयासरत रहे। हाईकमान को भी जिले में चल रही खींचतान का पूरा इल्म था। तभी तो हाईकमान को कोई फैसला लेने में पूरा एक साल लग गया।
प्रदेश के सभी जिलों के जिला अध्यक्ष बदले गए लेकिन पीलीभीत में आनंद सिंह को हटाने के लिए हाईकमान को कई बार सोचना पड़ा। हाईकमान ने जिले के बड़े नेताओं से अलग-अलग बुलाकर बातचीत की। सपा मुखिया अखिलेश यादव खुद युवा नेताओं के भी संपर्क में रहे और उन से गुफ्तगू करते रहे। कई नामों पर चर्चा चली लेकिन जब वक्त गुजरता गया तो लोगों को फिर लगा कि आनंद सिंह यादव की एक बार फिर से ताजपोशी हो जाएगी।
हालांकि आज यह कयास गलत साबित हुए। आज हाईकमान ने तीन जिलों के जिला अध्यक्ष महासचिव बदले और उसमें पीलीभीत का भी नाम शामिल हो गया।। आखिरकार आनंद सिंह को कुर्सी से बेदखल किया गया। उनकी जगह युवा तेजतर्रार नेता जगदेव सिंह जग्गा को जिला अध्यक्ष और छात्र राजनीति के जिले में सिरमौर रहे यूसुफ कादरी को महासचिव बनाया गया।
जगदेव सिंह जग्गा का परिचय
पूरनपुर के रहने वाले जगदेव सिंह जग्गा ग्राम सिमरा तालुका घुंघचाई से ताल्लुक रखते हैं। उपाधि महाविद्यालय में अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने धाक जमाई रखी और छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में उपाधि महाविद्यालय में छात्र राजनीति पूरे उरूज पर रही। जिला प्रशासन के लिए भी वह हमेशा सरदर्द बने रहे। इसके बाद सपा में शामिल हुए और एक कर्मठ जुझारू कार्यकर्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाई। छात्र सभा में रहे । इसी दौरान उन्होंने अपने गांव से प्रधानी का चुनाव लड़ा और लगातार दो बार प्रधानी का चुनाव जीते। वर्तमान समय में भी वह अपने गांव के प्रधान हैं। जिले की सियासत में उनका बराबर का दखल रहा। पार्टी के प्रति वफादारी का आखिरकार उनको सिला मिला और हाईकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए जिले में पार्टी की बागडोर सौंप दी। जग्गा के लिए यह ताजपोशी एक बड़ी चुनौती भी है।
यूसुफ कादरी का परिचय
शहर से सटे ग्राम चिरैयादाह के रहने वाले युसूफ कादरी ने भी हमेशा छात्र राजनीति में अग्रणी भूमिका निभाई। उपाधि महाविद्यालय में उनका वर्चस्व कायम रहा। इंटर कॉलेजों में भी उनका दबदबा रहा । छात्र सभा के कई पदों पर रहे। पार्टी के प्रति हमेशा वफादार और निष्ठावान रहे। यही वजह रही कि वह मौजूदा सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के खास लोगों में शुमार किए जाते हैं। कई बार आमना-सामना होने पर अखिलेश यादव ने बाकायदा उनका नाम लेकर उन्हें बुलाया। वह भी जिलाध्यक्ष की लाइन में लगे थे लेकिन उनको जग्गा के साथ महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। खास बात यह है जिला अध्यक्ष जग्गा और यूसुफ कादरी ने लंबे वक्त तक एक साथ सियासत की है और दोनों के बीच बेहतर समन्वय है। यही समन्वय पार्टी को एक नई दिशा और दशा दे सकता है।
