हल्द्वानी: न ड्राइवर बस रोकता है न कंडक्टर सीट देने को राजी
दीपिका नेगी,हल्द्वानी। पहचान पत्र होने के बावजूद दिव्यांगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज बसों में उन्हें यूडीआईडी कार्ड (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र ) दिखाने के बाद भी परिचालक बैठने को न तो सीट दे रहे हैं और न ही उनके लिए बस रोकी जा रही है। किराये के मुनाफे के …
दीपिका नेगी,हल्द्वानी। पहचान पत्र होने के बावजूद दिव्यांगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज बसों में उन्हें यूडीआईडी कार्ड (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र ) दिखाने के बाद भी परिचालक बैठने को न तो सीट दे रहे हैं और न ही उनके लिए बस रोकी जा रही है। किराये के मुनाफे के चलते रोडवेज बस चालक दिव्यांगों की अनदेखी कर उनसे टिकट मांगते हैं। जिससे परेशान दिव्यांग सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। दिक्कतों का सामना कर रहे परेशान दिव्यांग इससे संबंधित शिकायत लेकर हल्द्वानी के बेस अस्पताल परिसर स्थित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में पहुंच रहे हैं।
बता दें कि जिस तरह देश के हर नागरिक के पास आधार कार्ड की यूनीक आईडी है उसी तर्ज पर भारत के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग द्वारा दिव्यांगों के लिए भी यूनीक आईडी पहचान दी गई है। ताकि योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच सके, लेकिन समाज कल्याण व स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए गए यूडीआईडी कार्ड से दिव्यांगों को मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले में अभी 1335 आवेदन आ चुके हैं,जिनमें 696 कार्ड बन चुके हैं। 1069 डिजीटाइज्ड आवेदन हैं।
50 प्रतिशत दिव्यांग राहुल कुमार ने बताया कि उन्हें रोडवेज की बस में इस कार्ड पर लाभ नहीं दिया गया। जिसके कारण वे खुद को शर्मिंदा और ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि जब भारत सरकार ने प्रदेश सरकार के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड में ही सभी लाभ दिए जाने की व्यवस्था की है तो उन्हें वंचित न रखा जाए।
क्या होता है यूडीआईडी कार्ड
समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दी जाने वाली हर योजना का लाभ उठाने के लिए अब भारत सरकार ने दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड जारी किया है। जो पूरे भारत में मान्य है। स्क्रीनिंग के बाद दिव्यांग की पूरी स्थिति को दर्ज दर्ज करने के बाद ही उन्हें यूनीक आईडी नंबर जारी किया जाता है। फिर स्वास्थ्य विभाग दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करता है। प्रमाण पत्र और इस कार्ड में दिव्यांगता का प्रकार, प्रतिशत और आईडी नंबर होता है। यह कार्ड दिव्यांग व्यक्ति को मिलने वाले हर योजना के लाभ को लेने के लिए मान्य है।
दिव्यांग के लिए जारी यूडीआईडी कार्ड रोडवेज की बसों में मान्य है। धारक दिव्यांग को बस में पात्रता के अनुसार लाभ मिलना चाहिए। ऐसी कोई शिकायत अभी मिली नहीं है, लेकिन इस बारे में चालक-परिचालकों को फिर से निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। ताकि कोई भी यूडीआईडी कार्ड धारक पात्र दिव्यांग मुफ्त यात्रा के लाभ से वंचित न रह सके।
-एआरएम सुरेंद्र सिंह बिष्ट, हल्द्वानी डिपो
