पीएम मोदी बोले- पिछली सरकारों में वोट बैंक का बहीखाता था बजट

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गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021-22 के आम बजट को देश के सामने खड़ी चुनौतियों के समाधान को नई तेजी देने वाला बताया। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने बजट को वोट बैंक के हिसाब किताब का बहीखाता और कोरी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था। प्रधानमंत्री ने …

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021-22 के आम बजट को देश के सामने खड़ी चुनौतियों के समाधान को नई तेजी देने वाला बताया। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने बजट को वोट बैंक के हिसाब किताब का बहीखाता और कोरी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था।

प्रधानमंत्री ने चौरी चौरा शताब्दी समारोह का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा “कोरोना काल में देश के सामने जो चुनौतियां सामने आई उनके समाधान को यह बजट नई तेजी देगा।” उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा “दशकों से हमारे देश में बजट का मतलब बस इतना ही रह गया था कि किसके नाम पर क्या घोषणा कर दी गई। बजट को वोट बैंक के हिसाब किताब का बहीखाता बना दिया गया था।”

मोदी ने कहा “पहले की सरकारों ने बजट को ऐसी घोषणाओं का माध्यम बना दिया था जो वह पूरी ही नहीं कर पाती थीं। मगर अब देश ने यह सोच बदल दी है, एप्रोच बदल दी है।”

इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ राजभवन से वर्चुअल जुड़ीं राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद कमलेश पासवान, प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री, पिपराइच विधायक महेन्द्रपाल सिंह, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, चौरी चौरा विधायक संगीता यादव, कैम्पियरगंज विधायक फतेहबहादुर सिंह, विधायक विमलेश पासवान और क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह की उपस्थिति में दिल्ली से महोत्सव का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में संस्कृति विभाग के नाटक विभाग द्वारा चौरी चौरा थीम सांग “चौरी चौरा के वीरों ने रहा नया इतिहास..”प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले समारोह में उपस्थित जनसमूह का भोजपुरी में अभिवादन करते हुए कहा कि सबसे पहिले गोरखनाथ के धरती के प्रणाम करत बानी, देवरहवा बाबा के आशीर्वाद से ई गोरखपुर जिला खूब आगे बढ़ रहल बा। चौरी चौरा के ऐतिहासिक धरती के नमन अउर शहीदन के चरणों मे प्रणाम करत बानी।

प्रधानमंत्री ने किसानों का जिक्र करते हुए कहा “अगर हमारा किसान और सशक्त होगा तो कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति और तेज होगी इसके लिए बजट में कई कदम उठाए गए हैं। मंडियां किसानों के फायदे का बाजार बने, इसके लिए 1000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा।” इसके पूर्व, प्रधानमंत्री ने चौरी चौरा शताब्दी समारोह कब वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया और चौरी चौरा को समर्पित एक डाक टिकट भी जारी किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के लिये जीने का संकल्प लेकर ही रणबांकुरों के बलिदान को नमन किया जा सकता है। मोदी ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान ऐसी बहुत कम घटनाये होंगी जब एक साथ 19 लोगों को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दी हो। इन शहीदों को इतिहास के पन्नो में उचित स्थान नहीं दिया गया लेकिन इन वीर रणबांकुरों ने आजादी लड़ाई को नई दिशा प्रदान कर दी थी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यह शताब्दी महोत्सव आयोजित करने का निर्णय उनकी सरकार ने लिया। चौरा चौरा की घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी। चार फरवरी 1922 को स्वाधीनता संघर्ष में यहां पुलिस और स्थानीय जनता के बीच संघर्ष में पुलिस की गोली से तीन सेनानी शहीद हुए थे। उसके बाद 228 पर ब्रिटिश हुकुमत ने मुकदमा चलाया था जिनमें 225 को सजा दी गई थी।

उन्होंने कहा कि 1857 में आजादी की पहली लड़ाई से स्वतंत्रता प्राप्ति तक एवं उसके बाद देश की रक्षा में शहीद हुये वीर शहीदों सम्मान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। हर स्मारक पर पुलिस बैंड, दीपोत्सव व राष्ट्रभक्ति गीतों के गायन का आयोजन होगा। विद्यालयों में तरह तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इस दौरान विभिन्न तिथियों पर विद्यालय में लेखन, वाद विवाद प्रतियोगिता के साथ प्रदेश स्तर पर प्रदर्शनी का निर्णय लिया गया है। इससे पहले योगी ने शहीद स्मारक स्थल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

चौरी चौरा महोत्सव में पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पहुंच कर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनको नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सौ दिव्यांगों को ट्राई साइकिल भी वितरित कीं।

 

कार्यक्रम के स्वागत भाषण के दौरान क्षेत्रीय विधायक संगीता यादव ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम यह बता रहा है कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जी को देश के शहीदों और देश के धरोहरों के प्रति कितने गम्भीर हैं। कार्यक्रम की बेहतर व्यवस्था में सहयोग के लिए मुंडेरा बाजार के चेयरमैन सुनीता गुप्ता और उनके प्रतिनिधि जे.पी.गुप्ता का अभिनन्दन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी ने चौरी चौरा को एक अलग पहचान देने का काम किया है।

बासगांव सांसद कमलेश पासवान ने कहा कि इस महोत्सव ने इस शहीद स्थल को एक नया जीवन देने का काम किया है। जिसे आज तक कोई भी सरकार नहीं कर सकी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से हाथ उठवाकर चौरी चौरा में फ्लाईओवर ब्रिज बनवाने की मांग मुख्यमंत्री से किया। कार्यक्रम को प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान महामना मदन मोहन मालवीय जी के जीवन पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री फ़िल्म का भी प्रदर्शन किया गया। जिसमें महामना चौरी चौरा कांड के मुकदमे की पैरवी को एक ऐतिहासिक पैरवी बताया गया।

प्रधानमंत्री ने जारी किया डाक टिकट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से रिमोट द्वारा चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव के अवसर पर संस्कृति विभाग की तरफ से 5 रुपये का एक डाक टिकट डाक विभाग के लिए जारी किया। इस अवसर पर उप डाक घर चौरी चौरा में चीफ पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ के.के.सिंह ने वृक्षारोपण कर 40 सुकन्या खाता खोलकर चार बच्चियों को पासबुक वितरित किया।

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