हल्द्वानी: भाजपा कोतवाल के विरोध में तो कांग्रेसी कर रहे समर्थन

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। मंगलवार को बनभूलपुरा क्षेत्र के कांग्रेस समर्थित पार्षद और स्थानीय लोग कोतवाल के पक्ष में सड़क पर उतर पड़े। वे बनभूलपुरा से जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने हाथ में तख्तियां लेकर मेयर के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि भाजपाई पुलिस के काम में …

हल्द्वानी, अमृत विचार। मंगलवार को बनभूलपुरा क्षेत्र के कांग्रेस समर्थित पार्षद और स्थानीय लोग कोतवाल के पक्ष में सड़क पर उतर पड़े। वे बनभूलपुरा से जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने हाथ में तख्तियां लेकर मेयर के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि भाजपाई पुलिस के काम में दखल दे रहे हैं। दबाव बनाकर धार्मिक उन्माद के मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने और कोतवाल को बहाल करने की मांग की। प्रभारी एसपी जगदीश चंद्र और सीओ सिटी भूपेंद्र सिंह धौनी ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जल्द कोतवाल को बहाल नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।

उधर, यातायात एवं अपराध देवेंद्र पिंचा भाजपा पार्षद तन्मय प्रकरण में शहर कोतवाल की भूमिका की जांच करेंगे। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए कोतवाल को पांच दिनों के लिए नैनीताल पुलिस कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है। तब तक कोतवाली की कमान वरिष्ठ उपनिरीक्षक मंगल सिंह के हाथ रहेगी।

कोतवाल नैनीताल पुलिस कार्यालय सम्बद्ध, एसएसआई के हाथों आई कमान

मंगलवार को एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने बताया कि आज की तिथि से अगले पांच दिनों तक कोतवाल संजय कुमार को पुलिस कार्यालय में सम्बद्ध किया है। एसपी को पांच दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही कोतवाल की नियुक्ति पर फैसला होगा। उल्लेखनीय है कि सोमवार को धार्मिक उन्माद समेत आईपीसी की अन्य धाराओं में आरोपी पार्षद को अदालत में आत्मसमर्पण करने जाते वक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मेयर के नेतृत्व में निगम के भाजपा पार्षद और कार्यकर्ता भड़क उठे थे। उन्होंने कोतवाल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए थे। इसको लेकर भाजपाईयों ने सोमवार को कोतवाली में लगभग 10 घंटा तक धरना-प्रदर्शन किया था। आरोपी पार्षद को कोतवाली से जमानत मिलने और कोतवाल को हटाने के आश्वासन पर ही वे माने थे।

 

 

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