देहरादून: वनाग्नि बुझाने में जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन स्टाफ आश्रितों को मिलेंगे 15 लाख
देहरादून,अमृत विचार। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वनाग्नि को बुझाने में जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन फॉरेस्ट स्टॉफ के आश्रितों को दी जाने वाली धनराशि 2.5 लाख से बढ़कार 15 लाख रुपये करने की घोषणा की है। वन मुख्यालय देहरादून में वनाग्नि प्रबंधन एवं सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन मुख्यालय पर तत्काल इन्टीग्रेटेड …
देहरादून,अमृत विचार। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वनाग्नि को बुझाने में जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन फॉरेस्ट स्टॉफ के आश्रितों को दी जाने वाली धनराशि 2.5 लाख से बढ़कार 15 लाख रुपये करने की घोषणा की है। वन मुख्यालय देहरादून में वनाग्नि प्रबंधन एवं सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन मुख्यालय पर तत्काल इन्टीग्रेटेड फायर कमांड एंड कन्ट्रोल सेंटर की स्थापना की जाय।
वनाग्नि प्रबंधन के लिए यह देश का पहला सेंटर होगा। इस सेंटर के माध्यम से सैटेलाइट से सीधे फायर संबंधित सूचनाओं को एकत्रित कर फील्ड लेबल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इसमें फॉरेस्ट टोल फ्री नम्बर 1926 की व्यवस्था के साथ ही अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं की जायेंगी। 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं तैयार रखी जाय।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए एक अपर प्रमुख वन संरक्षक स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाय। राज्य में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए इनके द्वारा मॉनिटरिंग की जायेगी। वनाग्नि प्रबंधन हेतु समय कंट्रोल बर्निंग (पहाड़ के टॉप से नीचे की ओर) तथा फॉरेस्ट फायर लाइंस के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाय। इसमें आ रही बाधाओं का जल्द निराकरण किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्रंटलाईन फॉरेस्ट स्टॉफ वन सुरक्षा एवं प्रबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके लिए आवासीय फॉरेस्ट लाइन्स का निर्माण किया जाय।
