पीएम मोदी ने सेना को सौंपा स्वदेशी अर्जुन टैंक, मेट्रो रेल फेज-1 का भी किया उद्घाटन

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चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु में चेन्नई मेट्रो रेल के पहले चरण के विस्तार का उद्घाटन किया और रेलवे समेत अलग-अलग क्षेत्रों की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने स्वदेश निर्मित अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक (एमके-1ए) यहां रविवार को सेना को सौंपा। प्रधानमंत्री ने आयोजित समारोह में उन्होंने इस …

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु में चेन्नई मेट्रो रेल के पहले चरण के विस्तार का उद्घाटन किया और रेलवे समेत अलग-अलग क्षेत्रों की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने स्वदेश निर्मित अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक (एमके-1ए) यहां रविवार को सेना को सौंपा।

प्रधानमंत्री ने आयोजित समारोह में उन्होंने इस अत्याधुनिक टैंक की सलामी भी स्वीकार की। रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के यहां स्थित युद्धक वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान द्वारा निर्मित इस अत्याधुनिक टैंक का डिजाइन देश में ही तैयार और विकसित किया गया है। इस परियोजना में 15 शैक्षणिक संस्थान, आठ प्रयोगशालाएं और कई सुक्ष्म एवं लघु उद्योग प्रतिष्ठान भी शामिल थे।

वहीं नेहरू इंडोर स्टेडियम में हुए भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तरी चेन्नई में वाशरमैनपेट को विमको नगर से जोड़ने वाले मेट्रो के 9.01 किलोमीर लंबे भाग का उद्घाटन किया। इस परियोजना में 3,770 करोड़ रुपये का खर्च आया है। मोदी ने चेन्नई बीच अट्टीपट्टू की चौथी लाइन और विल्लुपुर की मयलादुथुरई तंजावुर/मयलादुथुरई तिरुवुर एकल रेल लाइन के विद्युतीकरण को राष्ट्र के नाम समर्पित किया।

उन्होंने आईआईटी मद्रास में एक डिस्कवरी कैंपस की आधारशिला भी रखी, जिसका निर्माण पहले चरण में 1,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नजदीकी थय्यूर में किया जाएगा। कैंपस का निर्माण दो लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में किया जाएगा।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल का बजट सुधारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विश्व बड़े उत्साह और सकारात्मकता के साथ भारत की ओर से देख रहा है। भारत की 130 करोड़ जनता के कठिन परिश्रम की बदौलत यह दशक भारत का होने वाला है।

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उप संप्रदाय के बजाए विरासत नामों से पहचाने जाने की देवेन्द्र कुला वेल्लालार्स समुदाय की काफी लंबे समय से चली आ रही मांग को केन्द्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा “ इस बारे में एक विधेयक को संसद के आगामी सत्र में पारित किया जाएगा। जब इस समुदाय के लोगों ने मुझसे संपर्क किया तो मैने उन्हें बताया कि उनका यह नाम मेरे नाम के जैसा ही है और मैंने उनके नाम को समझ लिया। यह नाम परिवर्तन करने से काफी अधिक है।”

प्रधानमंत्री ने मछुआरों को आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी सरकार मछुआरों के हितों की हमेशा रक्षा करेगी और इस समय श्रीलंका की हिरासत में कोई भी भारतीय मछुआरा नहीं है। मोदी कहा “ हमारे मछुआरे जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं वे काफी लंबे समय से चली आ रही हैं। मैं इन समस्याओं के इतिहास में नहीं जाना चाहता हूं लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि मेरी सरकार उनके वाजिब हितों की हमेशा रक्षा करेगी और जब भी श्रीलंकाई नौसेना ने हमारे मछुआरों को हिरासत में लिया था हमने तुरंत उनकी समय से पहले रिहाई को सुनिश्चित किया।

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार के कार्यकाल में 1600 से अधिक मछुआरो को रिहा कराया गया है और इस समय श्रीलंका नौसेना की हिरासत में एक भी भारतीय मछुआरा नहीं हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीलंकाई नेताओं के समक्ष हमेशा ही उनकी सरकार ने तमिलों के अधिकारों का मसला उठाया है और हम उनके लिए समानता, न्याय, शांति और अस्मिता को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी, उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम तथा मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एम थंबीदुरई, के पी मनुस्वामी और गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं ने शिरकत की।

इससे पहले प्रधानमंत्री यहां हवाई अड्डे से आईएनएस अदयार हेलीकॉप्टर में सवार होकर समारोह स्थल पहुंचे। मोदी, पलानीस्वामी और पन्नीरसेल्वम ने एक कार्यक्रम में दिवंगत मुख्यमंत्रियों एम जी रामचंद्रन (अन्नाद्रमुक के संस्थापक) और जे जयललिता की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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