हल्द्वानी: हरदा बोले-“स्थानीय चेहरा है लाना, मोदी फैक्टर को है हटाना”
हल्द्वानी, अमृत विचार। मोदी फैक्टर प्रभावी नहीं रहे इसलिए यह जरूरी है कि आगामी विस चुनावों में स्थानीय चेहरा तय किया जाए। बिहार के विस चुनाव में गठबंधन ने एक चेहरा तय किया, इसका नतीजा यह रहा है कि नीतिश-भाजपा के एक तरफा स्वीप का अनुमान जताया जा रहा था जो ध्वस्त हो गया। इसलिए …
हल्द्वानी, अमृत विचार। मोदी फैक्टर प्रभावी नहीं रहे इसलिए यह जरूरी है कि आगामी विस चुनावों में स्थानीय चेहरा तय किया जाए। बिहार के विस चुनाव में गठबंधन ने एक चेहरा तय किया, इसका नतीजा यह रहा है कि नीतिश-भाजपा के एक तरफा स्वीप का अनुमान जताया जा रहा था जो ध्वस्त हो गया।
इसलिए यहां भी मोदी फैक्टर को खत्म करने के लिए कांग्रेस को स्थानीय चेहरा चुनना चाहिए, मुझे उम्मीद है कि पार्टी जल्द ही इस राय पर अमल करेगी। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने कही। वह यहां रामपुर रोड स्थित एक निजी बैंक्वेट हाल में आयोजित किसान कांग्रेस के किसान सम्मान समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
रावत ने कृषि कानून पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश के किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी सिस्टम, सरकारी खरीद तंत्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रबंधन तंत्र बनाया है। भाजपा ने इस तंत्र को बर्बाद कर दिया। जब सरकार अनाज नहीं खरीदेगी तो सस्ता गल्ला दुकानों पर राशन कैसे पहुंचाएगी। यदि राशन नहीं पहुंचेगा तो गरीबों को निवाला मिलना मुश्किल हो जाएगा। मोदी सरकार अडानी और अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने चमोली आपदा पर तंज कसते हुए कहा कि 2013 की आपदा के बाद 2014 में उत्तराखंड ने एक शानदार तस्वीर पेश की थी। चमोली आपदा में कहीं न कहीं समन्वय की कमी दिखाई। जिसकी वजह से मशीनरी ठीक से काम नहीं कर सकी और आपदा प्रबंधन में देरी हुई। इस पर भी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी, पुलिस, नेवी आदि टीमों को बहुत-बहुत धन्यवाद जो अपने प्राणों को ताक पर रखकर रेस्क्यू में जुटी हुई है। वहीं पंजाब के निकाय चुनाव में कांग्रेस की सफलता पर रावत ने कहा कि भाजपा-अकाली दल और आप सब साफ हो गए हैं अब सबका साथ हाथ के साथ है।
