हल्द्वानी: जीएसटी की विसंगतियों के विरोध में गरजेंगे व्यापारी
हल्द्वानी,अमृत विचार। जीएसटी की कमियों को लेकर व्यापारी मुखर हो गए हैं उन्होंने इसके विरोध में 26 फरवरी को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार फिर भी संशोधन नहीं करती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष नवीन वर्मा ने बुधवार को …
हल्द्वानी,अमृत विचार। जीएसटी की कमियों को लेकर व्यापारी मुखर हो गए हैं उन्होंने इसके विरोध में 26 फरवरी को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार फिर भी संशोधन नहीं करती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष नवीन वर्मा ने बुधवार को हुई प्रेस वार्ता में बताया कि 25-26 फरवरी को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों की नगर ईकाईयों की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने के लिए ज्ञापन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल के लिहाज से सभी 19 जिलों में प्रांतीय एवं जिला ईकाई के पदाधिकारी प्रेस वार्ता कर जीएसटी की विसंगतियों के बारे में बताएंगे।
इसके साथ ही 26 फरवरी को विरोध दिवस के रुप में प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वर्मा ने कहा कि इससे पूर्व व्यापार मंडल की प्रदेश में कार्यरत 375 ईकाईयों ने 22- 23 फरवरी को जिला इकाइयों ने जीएसटी की विसंगति को दूर करने का प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायक, सांसदों के जरिए भेजे थे ।
प्रदेश जीएसटी प्रभारी/प्रदेश संयुक्त महामंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी की विसंगतियों से व्यापारी वर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले चार सालों में जीएसटी को सरल बनाने के लिए जो संशोधन किए गए हैं उनसे व्यापारियों की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ गई हैं। माथापच्ची के साथ आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। इस दौरान बाबूलाल गुप्ता, प्रमोद गोयल, नवनीत राणा, शांति जीना, विपिन गुप्ता, हर्षवर्धन पांडेय, योगेश शर्मा, मनीष अग्रवाल आदि मौजूद थे।
जिला विकास प्राधिकरण का हो खात्मा
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदेश से जिला विकास प्राधिकरण के खात्मे की भी मांग की है। प्रांतीय अध्यक्ष नवीन वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पिछले दो-तीन माह से प्राधिकरण समाप्त करने का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि यदि प्राधिकरण समाप्ति का अध्यादेश लागू नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन होगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के शुल्क बढ़ाए जाने की मांग को लेकर भी रोष जताया है और शुल्क में कमी करने की मांग की है ताकि कोविड-19 दौर में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को परेशानी नहीं हो।
