बरेली: प्रभारी मंत्री बोले- शहर की सूरत बिगाड़ने वाले ठेकेदार पर एफआईआर कराएं
अमृत विचार, बरेली। जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में 50 लाख से अधिक लागत की 305235 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम के जलकर विभाग की सबसे अधिक शिकायतें मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर एफआईआर कराने के लिए …
अमृत विचार, बरेली। जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में 50 लाख से अधिक लागत की 305235 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम के जलकर विभाग की सबसे अधिक शिकायतें मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर एफआईआर कराने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए।
अन्य विकास कायों को लेकर अफसरों से दो टूट शब्दों में कहा कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय से होने चाहिए। इसमें लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेयर को नगर निगम के विकास प्रोजेक्टों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी।
समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने बताया कि विकास कार्यों की रैंकिंग में दिसंबर माह में जनपद आठवें पायदान पर था। अब जिला प्रशासन के प्रयास से फरवरी महीने में चौथी रैकिंग प्राप्त हुई है। इससे साफ है कि विकास के मामले में बरेली तेजी से दौड़ रहा है। विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर प्रभारी मंत्री ने अफसरों के बीच समन्वय स्थापित न होने की बात कहकर नाराजगी जताई। यह भी कहा कि सबसे अधिक शिकायतें जलकर विभाग की हैं। सीवर, पेयजल की लाइन के नाम पर शहर को खोदकर नर्क कर दिया है।
नोडल अधिकारी नगर आयुक्त हैं, कमिश्नर से इस विषय पर वार्ता करने के साथ ही प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि जितनी सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं, उन पर तुरंत मिट्टी डाल सड़क का निर्माण कराया जाए। जिलाधिकारी नितीश कुमार को जिले में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में समिति बनाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को बाइक से घूमकर सड़क व विकास कार्यों की स्थिति परखने की नसीहत दी। जल निगम द्वारा बनाई गई पानी की टंकियों, अमृत योजना के तहत पेयजल लाइनों के निर्माण व गृह संयोजन व सीवरेज योजना के कार्यों की गुणवत्ता में लापरवाही पर एफआईआर कराने के निर्देश दिए।
विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं की जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को देने की बात कही। अधूरी परियोजनाओं में लापरवाही पर डीएम से साफ कहा कि संबंधित की जवाबदेही तय करें। अधूरे कार्यों पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। एसएसपी रोहित सजवाण, सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, शहर विधायक डा. अरुण कुमार, बहेड़ी विधायक छत्रपाल गंगवार, विधायक बहोरन लाल मौर्य, मेयर डा. उमेश गौतम, अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार, विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर तारिक मतीन सहित बड़ी संख्या अफसर मौजूद रहे।
तीन घंटे चली बैठक, अफसर इन, बाकी आउट
50 लाख से अधिक की मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं वाले विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए पहले से तय दौरे पर बरेली पहुंचे प्रभारी मंत्री ने तीन घंटे तक विकास भवन सभागार में गोपनीय बैठक की। अफसरों को कई बिंदुओं पर नसीहत दी गई, मगर बाकी सभी को आउट रखा गया है। किसी को भी सभागार में प्रवेश तक करने नहीं दिया गया। इसके बाद प्रेसवार्ता का आयोजन कर चंद मिनट में पूरी कार्रवाई को बयां कर दिया, लेकिन बंद सभागार में बैठक को लेकर कईयों के मन में सवाल उठे रहे हैं। जिसका जवाब देने से सभी बचते दिखाई दिए।
अफसर टेंशन में, 8 मार्च को फिर आएंगे फिर प्रभारी मंत्री
प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा 8 मार्च को फिर से जिले का दौरा करने आएंगे। वह स्मार्ट सिटी की बैठक में अधिकारियों से सवाल जवाब करेंगे। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता परखेंगे। शहर की सड़कों का हाल देखने के साथ ही वह चौपुला समेत कई अन्य फ्लाईओवर का निरीक्षण भी कर सकते हैं। शुक्रवार को उनके दौरे को लेकर स्पष्ट सूचना मिलने पर अफसर अभी से अलर्ट हो गए हैं। प्रभारी मंत्री के फिर से बरेली दौरे पर आने का पता चलते ही टेंशन बढ़ गई। अधिकारी अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने में जुट गए।
अप्रैल में सेटेलाइट, जुलाई में चौपुला फ्लाईओवर होगा शुरू
प्रभारी मंत्री ने लालफाटक को सेना की एनओसी मिलने के बाद रेलवे का कार्य काफी धीमी गति से चलने पर नाराजगी जताई। कहा कि इस मसले में जिलाधिकारी के साथ ही केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से अलग से बात की जाएगी। उन्होंने हुलासनगरा ओवरब्रिज की समीक्षा की। कार्य में शिथिलता मिलने पर जहां कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, साफ कहा कि इस मसले पर एनएचएआई वालों से भी बात की जाएगी। चौपुला फ्लाईओवर जुलाई से शुरू होने की बात कही।
जलकल विभाग के जीएम को तलब किया
प्रभारी मंत्री की बैठक में जलकर विभाग के जीएम मौजूद नहीं थे। सबसे अधिक शिकायतें इसी विभाग की थीं। जीएम की अनुपस्थिति का पता चले पर प्रभारी मंत्री ने नाराजागी जताई। डीएम के स्टाफ ने उनको बाहर से बुलाया। इस पर प्रभारी मंत्री ने गैर जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। ट्रंक सीवर लाइन बिछाने के काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
