स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और उनकी पत्नी ने लगवाया कोरोना का टीका

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन तथा उनकी पत्नी ने मंगलवार को निजी संस्थान ‘दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट’ में कोविड-19 के स्वदेशी टीके कोवैक्सीन की पहली खुराक ली। कोविड-19 टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण सोमवार, एक मार्च से शुरू हुआ। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अन्य बीमारी से पीड़ित …

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन तथा उनकी पत्नी ने मंगलवार को निजी संस्थान ‘दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट’ में कोविड-19 के स्वदेशी टीके कोवैक्सीन की पहली खुराक ली। कोविड-19 टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण सोमवार, एक मार्च से शुरू हुआ। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और अन्य बीमारी से पीड़ित 45 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को टीके की पहली खुराक दी जाएगी।

हर्षवर्धन की पत्नी नूतन गोयल ने पहले टीका लगवाया। उनके बाद केंद्रीय मंत्री ने टीका लगवाया। दोनों ने टीके के लिए 250-250 रूपये का भुगतान किया। टीका लगवाने के बाद आधे घंटे वे निगरानी में रहे। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की और लोगों से टीका लगवाने की अपील की।

हर्षवर्धन ने संवाददाताओं से कहा, ”आज मैंने और मेरी पत्नी ने दिल्ली हार्ट एंड लंग हॉस्पिटल में कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक ली। आधे घंटे की निगरानी अवधि भी पूरी हुई। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि मुझे और मेरी पत्नी को कोवैक्सीन दी गई। बीते आधे घंटे में हम दोनों को किसी भी तरह की परेशानी महसूस नहीं हुई।”

उन्होंने कहा, ”इस मौके पर मैं देश के उन सभी नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है या जो अन्य बीमारियों से पीड़ित 45-59 वर्ष आयुवर्ग के लोग हैं, वे टीका लगवाएं।” स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए हजारों निजी और सरकारी अस्पतालों में टीके उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में यह टीका लोगों के लिए ‘संजीवनी’ की तरह काम करेगा।

उन्होंने कहा, ”मैंने और मेरी पत्नी ने टीके के लिए 250-250 रूपये का भुगतान किया। मैं अपील करना चाहता हूं कि जो लोग टीके का भुगतान करने में सक्षम हैं वे नजदीक के अस्पताल जाकर टीका लगवाएं।” मंत्री ने कहा, ”मैं देश के नागरिकों से अपील करता हूं कि टीके की पहली खुराक लें और इसके 28 दिन बाद दूसरी खुराक लें। किसी तरह का दुष्प्रभाव या परेशानी का सामना करना पड़ता है तो अपने चिकित्सक को इस बारे में बताने से घबराएं नहीं।”

उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण के कारण देश में अब तक किसी की भी मौत नहीं हुई है और अपील की है कि लोग टीके को लेकर संदेह न करें। हर्षवर्धन ने कहा था कि यदि टीका लेने के कुछ दिनों बाद किसी की मौत होती है, तो इसे टीकाकरण से नहीं जोड़ा जा सकता है क्योंकि ऐसे प्रत्येक मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है।

संबंधित समाचार