हल्द्वानी: तीन साल से लापता युवक बनारस के एक छोटे से गांव में शिक्षा की अलख जगाता मिला

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हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी से तीन साल से लापता दीप चंद्र यूपी के वाराणसी से सटे एक गांव में पेट भरने के लिए मेहनत-मजदूरी करने के साथ ही शिक्षा की अलग जगाता मिला। युवक के सकुशल मिलने से पुलिस को राहत की सांस और पिता को बुढ़ापे का सहारा मिल गया है। मल्ली बमौरी निवासी …

हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी से तीन साल से लापता दीप चंद्र यूपी के वाराणसी से सटे एक गांव में पेट भरने के लिए मेहनत-मजदूरी करने के साथ ही शिक्षा की अलग जगाता मिला। युवक के सकुशल मिलने से पुलिस को राहत की सांस और पिता को बुढ़ापे का सहारा मिल गया है।

मल्ली बमौरी निवासी स्नातक दीप चंद्र पांडे सालों पहले इलाहाबाद में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। शुरूआती असफलता के बीच काम की तलाश में वह वाराणसी पहुंच गए। इस बीच हादसे में भाई जबकि बीमारी से मां की मौत हो गई। इधर मानसिक तनाव के चलते दीप ने अपने पिता से भी संपर्क तोड़ दिया। इस पर पिता ने मुखानी थाने में 29 जनवरी 2018 को गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस और परिजन सालों से दीप के लौट आने के साथ ही खुद तलाश में इधर-उधर हाथ पांव मारते रहे। कुछ दिनों पहले पता चला कि दीप वाराणसी से सटे पल्लू का पूरा गांव में सतेंद्र पाल के घर किराए पर रह रहे हैं। वह वहां राजमिस्त्री के काम के साथ ही बाकी वक्त गांव के बच्चों को पढ़ाते थे।

इतना ही नहीं, खुद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी चल रही थी। इसके बाद मुखानी थाने के एसआई त्रिभुवन जोशी और पिता जीवानंद वाराणसी पहुंचे और घर लौटने के लिए मनाया। अपने स्वभाव और बच्चों को निशुल्क पढ़ाने से उनका पल्लू का पूरा ग्रामीणों के साथ गहरा लगाव हो गया था। वापसी के दौरान ग्रामीणों ने दीप को अश्रुपूरित विदाई दी।

सन्यासी बनने के लिए छोड़ दिया था घर
हल्द्वानी। राजपुरा से तीन दिन पूर्व लापता हुए युवक रोहित को पुलिस ने बरामद कर लिया है। अपने जीवन और पारिवारिक हालातों से परेशान इस युवयक ने सन्यासी बनने का फैसला कर लिया था। उसकी तलाश में पहुंची पुलिस और परिजन उसे समझा-बुझाकर वापस ले आए। इससे पहले रोहित 28 फरवरी की शाम अचानक घर से लापता हो गया था। वह राजपुरा में कुछ देर के लिए रुकी ट्रेन में सवार होकर हरिद्वार चला गया। इसके बाद से वह सन्यासी बनने के लिए ऋषिकेष में साधुओं की संगत में चला गया। राजपुरा चौकी प्रभारी प्रकाश पोखरियाल ने बताया कि काउंसलिंग के साथ ही युवक को परिजनों को सौंप दिया है।

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