हल्द्वानी: कलावती चौक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, एक छात्र नेता घायल

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृ़त विचार। व्यस्ततम कलावती चौक। वक्त शाम के साढ़े सात बजे। आसपास के लोग दुकानों में खरीदारी कर रहे थे। तभी फॉरच्यूनर से आधा दर्जन से अधिक युवक धड़धड़ाते हुए नीचे उतरे। इनमें से दो युवक एक आवास के नीचे खड़े होकर एक युवक का नाम लेकर पुकारने और ललकारने लगे। जैसे ही युवक …

हल्द्वानी, अमृ़त विचार। व्यस्ततम कलावती चौक। वक्त शाम के साढ़े सात बजे। आसपास के लोग दुकानों में खरीदारी कर रहे थे। तभी फॉरच्यूनर से आधा दर्जन से अधिक युवक धड़धड़ाते हुए नीचे उतरे। इनमें से दो युवक एक आवास के नीचे खड़े होकर एक युवक का नाम लेकर पुकारने और ललकारने लगे। जैसे ही युवक अपने कमरे का दरवाजा खोलकर बालकनी में आया। नीचे से तीन लोगों ने अपनी पिस्टल ऊपर तान दी और एक के बाद एक सात फायर झोंक दिए। बालकनी में खड़े युवक ने झुककर अपनी जान बचाई। लेकिन तब तक एक गोली उसे लग चुकी थी। आसपास के लोगों के मौके पर जुटने से पहले ही सभी बदमाश मौके से भाग निकले। ताबड़तोड़ फायरिंग से कलावती चौक पर अफरातफरी मच गई।

पीड़ित युवक को 108 से बेस अस्पताल लाया गया। युवक के बायें हाथ पर कलाई और कुहनी के बीच लगी गोली आरपार निकल चुकी थी। फर्स्ट एड के बीच ही सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने पीड़ित से पूछताछ की। दूसरी ओर एक पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। गोलीकांड में घायल पीड़ित गौरव वानखेड़े ने बताया कि रंजिशन सोनू घनेला, राहुल सौराड़ी, अक्कू ठाकुर, जैगुआर और कुछ अन्य युवकों ने एक राय होकर उसपर जानलेवा हमला किया। एक दिन पहले ही यानी गुरुवार को अक्कू ने उसे अन्य हमलावरों की मौजूदगी गोली मारने की धमकी दी थी।

पीड़ित गौरव वानखंडे एमबीपीजी में छात्र नेता है और कलावती चौराहे पर पीजी हाउस में रहता है। सीओ सिटी बीएस धौनी ने बताया कि गोलीकांड की घटना में प्रकाश में आए युवकों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अराजकता और गुंडई बर्दास्त नहीं होगी। इधर पीजी हाउस में ताबड़तोड़ फायरिंग से क्षेत्रवासी दहशत में आ गए। उन्होंने छात्र गुटों के कब्जे में चल रहे पीजी हाउस को खाली कराने की मांग की। क्षेत्रवासियों ने बताया कि आए दिन लड़ाई-झगड़ा होता रहता है।

वर्चस्व की लड़ाई गोलाबारी तक आई
हल्द्वानी। पुलिस का मानना है कि छात्र गुटों में जनशक्ति बढ़ाने और प्रभावशाली युवकों को अपने गुट में लाने के लिए जोर आजमाइश चल रही है। गुटों में इसको लेकर आपसी टकराव आम बात है। इस केस में भी ऐसा ही हुआ। छात्रों पर वर्चस्व की यह लड़ाई अब गोलाबारी में उतर आई। गोलीकांड के पीड़ित गौरव ने बताया कि आरोपी युवकों से उसका किन्हीं बातों को लेकर मनमुटाव चल रहा है। ये लोग अधिक से अधिक युवकों को अपने गुट में रखना चाहते हैं। इसके लिए दूसरे गुट पर दबाव डालते हैं। कुछ दिनों पहले भी इनका गौरव के एक दोस्त से झगड़ा हुआ था। बदला लेने की नीयत से ये युवक गौरव से उसका पता पूछ रहे थे।

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