हल्द्वानी: शिवलिंग पर केसर अर्पित कर बाबा से मांगी मुराद, गूंजे बोल बम के जयकारे
हल्द्वानी, अमृत विचार। शिवरात्रि का महापर्व इस साल गुरुवार को पड़ने के कारण आज का दिन और भी विशेष हो गया। गुरुवार को शिरात्रि पर प्रभु भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए सुबह से ही जबरदस्त भीड़ रही। श्रद्वालुओं की भीड़ ने इस बार पंचामित्र से शिवलिंग को नहलाने के बाद विशेष रुप से पीले …
हल्द्वानी, अमृत विचार। शिवरात्रि का महापर्व इस साल गुरुवार को पड़ने के कारण आज का दिन और भी विशेष हो गया। गुरुवार को शिरात्रि पर प्रभु भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए सुबह से ही जबरदस्त भीड़ रही। श्रद्वालुओं की भीड़ ने इस बार पंचामित्र से शिवलिंग को नहलाने के बाद विशेष रुप से पीले चंदन और केसर को भी शिवलिंग पर अर्पित किया। जिसके चलते इन भक्तों को जहां प्रभु भोलेनाथ के दर्शन से भगवान शिव का आशीर्वाद मिला वहीं शिवलिंग पर केसर चंदन अर्पित करने से उन पर भगवान विष्णु की भी अनुकंपा बनी रहेगी।
यही नहीं ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह ने भी गुरुवार को दिन में 12:30 बजे अपना राशि परिवर्तन कर अपने मित्र शनिदेव की मूल त्रिकोण राशि में कर लिया है। जिसके चलते शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव के दर्शन से कई राशि के जातकों पर आने वाली परेशानियां दूर होगी। साथ ही दुर्घटना आदि से उनका बचाव होगा। यह ऐसा संयोग है जब गुरुवार को शिरात्रि पड़ी और नौकरी, व्यापार में लाभ कराने वाले बुध देव ने अपना राशि परिवर्तन अपने मित्र शनिदेव की मूल त्रिकोण कुंभ राशि में कर लिया। इसलिए अपने मित्र के घर आने पर बुध देव काफी प्रसंन्न रह कर कई राशि के जातकों पर धन की वर्षा करेंगे। इन राशि वालों में वृष, मिथुन, सिंह, तुला, मकर और कुंभ हैं।
इन राशि वालों को अपने कामों में पूर्ण सफलता मिलेगी। साथ ही अन्य मनोरथ कार्य पूर्ण होंगे, जिनके पूर्ण होने की उम्मीद वह खो चुके थे। अन्य राशि के जातकों को 1 अप्रैल तक जरा संभल कर चलना पड़ सकता है। दरअसल 14 मार्च को गृहों में राजा माने- जाने वाले गृह सूर्य देव अपना राशि परिवर्तन कर रहे हैं।
सूर्य जिस गृह में बैठते हैं उस गृह को अपनी तपिश से इतना जला देते हैं कि उसका महत्व खत्म हो जाता है। इसी के चलते कुछ राशि के जातकों को 1 अप्रैल तक सावधान रहने की जरुरत है। लेकिन शिव के दर्शन करने वाले भक्तों के उपर विशेष कृपा बनने से उनके सारे कष्ट कटते चले जाएंगे। ज्योतिष के प्रख्यात विशेषज्ञों का मानना है कि शिवरात्रि पर इसीलिए सैकड़ों लोगों ने पंचामित्र के साथ- साथ केसर और हल्दी को भी शिवलिंग पर अर्पित किया।
