काशीपुर: मुख्यमंत्री को दी काशीपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की चुनौती

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Edited By Amrit Vichar
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काशीपुर,अमृत विचार। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को आप के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक बाली ने काशीपुर आने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि तीरथ सिंह रावत काशीपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दीपक बाली ने कहा कि पिछले बीस वर्षों से लगातार जीत रही …

काशीपुर,अमृत विचार। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को आप के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक बाली ने काशीपुर आने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि तीरथ सिंह रावत काशीपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं।

शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दीपक बाली ने कहा कि पिछले बीस वर्षों से लगातार जीत रही भाजपा के लिए काशीपुर से अच्छी सीट पूरे प्रदेश में नहीं है। उन्होंने कहा कि काशीपुर में मेयर भी उन्हीं के दल में से है। मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडलीय सहयोगी धन सिंह रावत भी कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री प्रदेश में कहीं से भी चुनाव लड़कर जीत सकते हैं।

ऐसे में काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा से इस्तीफा दिलवाकर यहां से भाजपा को अपने मुख्यमंत्री को चुनाव लड़वाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीते बीस वर्षों से काशीपुर की जनता को जो विकास का आइना भाजपा ने दिखाया है उसमें सूबे के मुखिया को अपना चेहरा जरुर देखना चाहिए। काशीपुर की जनता और आम आदमी पार्टी उनकी इस इच्छाशक्ति का स्वागत करेगी।

आप नेता बाली ने आश्चर्य जताया कि एक तरफ उत्तराखंड की जागरूक जनता आम आदमी पार्टी के साथ खड़ी है और उसकी नीतियों का समर्थन कर रही है वहीं भाजपा आप पार्टी के राजनीतिक वजूद को नकारते नहीं थक रही। समझ में नहीं आता कि जो बात उत्तराखंड की जनता समझ चुकी है उसे भारतीय जनता पार्टी क्यों नहीं समझ पा रही? देवभूमि वासी समझ चुके हैं कि आम आदमी पार्टी के कारण ही भाजपा की सत्ता उथल-पुथल हो गई।

काशीपुर विधायक ने यदि इस्तीफा दे दिया तो स्पष्ट हो जाएगा अनुशासित कही जाने वाली भाजपा में अनुशासन और समर्पण दोनों है। यदि वह यहां से चुनाव नहीं लड़ते तो स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री काम की राजनीति के बजाए जातीय और क्षेत्रीय समीकरण तलाश रहे हैं। चूंकि भाजपा ने बीते 4 सालों में प्रदेश और 19 वर्षों से काशीपुर क्षेत्र में कुछ नहीं किया। इसलिए मुख्यमंत्री काशीपुर से चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

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