हल्द्वानी: ईपीएफओ ने लेबर सप्लायर कांट्रेक्टर पर निर्धारित की 82.74 लाख रुपये की देयता

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अमृत विचार, हल्द्वानी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने मैसर्स बालाजी कांट्रेक्टर लेबर सप्लायर रुद्रपुर पर 82 लाख 74 हजार 386 रुपये का पीएफ की करदेयता निर्धारित की है।ईपीएफओ के अनुसार मैसर्स बालाजी कांट्रेक्टर में सितंबर 2012 से 2016 तक तकरीबन 400-500 मजदूरों का पीएफ जमा नहीं किया गया था। ईपीएफओ ने विस्तृत जांच की। …

अमृत विचार, हल्द्वानी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने मैसर्स बालाजी कांट्रेक्टर लेबर सप्लायर रुद्रपुर पर 82 लाख 74 हजार 386 रुपये का पीएफ की करदेयता निर्धारित की है।ईपीएफओ के अनुसार मैसर्स बालाजी कांट्रेक्टर में सितंबर 2012 से 2016 तक तकरीबन 400-500 मजदूरों का पीएफ जमा नहीं किया गया था।

ईपीएफओ ने विस्तृत जांच की। जांच के बाद प्रिंसिपल नियोक्ता बालाजी कांट्रेक्टर सप्लायर पर ईपीएफ एक्ट 1952 की धारा 7 ए में कार्रवाई की गई। यह मामला तब से लंबित चल रहा था। इधर ईपीएफ के क्षेत्रीय आयुक्त आशीष कुमार ने सुनवाई के बाद इस वाद को नौ मार्च को निस्तारित कर दिया है। इसी के साथ ही मैसर्स बालाजी पर 82,74,386 रुपये के पीएफ की देयता निर्धारित की है। यानी पीएफ की रकम का आकलन किया गया है। नियमानुसार अब नियोक्ता को यह राशि 60 दिनों में ईपीएफओ में जमा करनी होगी। यह राशि जमा होने से सितंबर 2012 से सितंबर 2016 तक काम करने वाले 400-500 मजदूरों को पीएफ का फायदा मिलेगा।

मैसर्स बालाजी कांट्रेक्टर रुद्रपुर पर 82,74386 रुपये की पीएफ देयता निर्धारित की गई है। इस रकम को नियोक्ता को 60 दिनों के भीतर जमा करना होगा। यदि नियोक्ता निर्धारित अवधि में इस रकम को जमा नहीं करता है तब खाते सीज, चल-अचल संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।

 -आशीष कुमार, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ कुमाऊं

क्या होती है धारा 7 ए

ईपीएफओ के अनुसार यदि नियोक्ता किसी कर्मचारी का पीएफ जमा नहीं करता है। तब पीएफ के आकलन के लिए जांच होती है। नियोक्ता को बुलाया जाता है यदि वह नहीं आता है तो नोटिस या गिरफ्तारी के जरिए बुलाया जाता है। उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोंका जाता है। पीएफ की रकम जमा नहीं करने पर चल-अचल संपत्ति कुर्क की जाती है।

अब रकम जमा करने का समय हो गया 60 दिन

ईपीएफओ ने ईपीएफ एक्ट 1952 की धारा 7 ए या अन्य मामलों में निस्तारित मामलों में रकम जमा करने को निर्धारित पीएफ देयता को 15 दिनों के भीतर जमा करना होता है। इधर कई राज्यों की हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि जब अपील का समय 60 दिन होता है ऐसे में 15 दिनों में रकम जमा करने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। इस पर कुमाऊं मंडल में सभी नियोक्ताओं को 60 दिनों के भीतर रकम जमा करने का समय दिया गया है।

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