बनबसा मेला पड़ाव बदहाल, हाईटेक शौचालयों में लटके ताले

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नवीन जोशी, बनबसा। मां पूर्णागिरि धाम के बाद नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं का बनबसा बार्डर के कैनाल स्थित मेला पड़ाव पर गंदगी और अव्यवस्थाओं से स्वागत हो रहा है। यहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। हाईटेक शौचालयों पर ताले लटके हैं, जबकि सामान्य …

नवीन जोशी, बनबसा। मां पूर्णागिरि धाम के बाद नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं का बनबसा बार्डर के कैनाल स्थित मेला पड़ाव पर गंदगी और अव्यवस्थाओं से स्वागत हो रहा है। यहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। हाईटेक शौचालयों पर ताले लटके हैं, जबकि सामान्य शौचालयों में गंदगी पड़ी होने के साथ ही इनके टिन उखड़े हुए हैं। हालत इस कदर खराब हैं कि पीने के पानी के लिए लगाए गए दोनों हैंडपंप भी सूखे हुए हैं। वहीं, शारदा बैराज के स्नानाघाट पर चेंजिंग रूम नहीं होने से महिला श्रद्धालुओं को खासी परेशानी हो रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर आंखें मूंदे हुए हैं।

उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में होली के अगले दिन यानि 30 मार्च से मेला शुरू हो गया है। मान्यता है कि मां पूर्णागिरि के चरणों में मत्था टेकने के बाद नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन करने पर ही श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी होती है। इस कारण अधिकतर श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन के बाद बनबसा होते हुए नेपाल के महेंद्रनगर स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जाते हैं। मेला शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं का बनबसा पहुंचने का क्रम भी शुरू हो गया है।

यहां सीमा पर पहुंचने पर श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करने के बाद अपनी आगे की यात्रा शुरू करते हैं। श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसे लेकर पूर्णागिरि मेला प्रशासन ने नेपाल सीमा पर पुल से पहले बनबसा में मेला पड़ाव बनाया है, जहां पर श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया है, लेकिन देखरेख के अभाव में मेला पड़ाव स्थल पूरी तरह बदहाल हो चुका है। कहने को तो मेला पड़ाव स्थल पर दो हाईटेक शौचालय (पुरूष और महिला) और चार टिनशेड शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन हाईटेक शौचालयों पर ताले लटके हैं, जबकि टिनशेड शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इनके दरवाजे उखड़े हुए हैं और अंदर गंदगी भरी हुई है।

इसके अलावा इस स्थल पर दो हैंडपंड भी लगाए हैं, जो पूरी तरह सूखे हुए हैं। मेला स्थल पर कहीं कूड़ा पड़ा है तो कहीं पत्थर पड़े हैं। शारदा बैराज स्थित घाट पर महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था तक नहीं है। इन अव्यवस्थाओं के बीच यहां आ रहे श्रद्धालुओं खासकर महिला श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मेला पड़ाव स्थल सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के स्वामित्व में है। इस कारण यहां की व्यवस्थाओं का जिम्मा सिंचाई विभाग का ही है। सिंचाई विभाग (उप्र) को मेला पड़ाव स्थल की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्हें एक बार फिर से इस बाबत निर्देशित किया जाएगा। मेला पड़ाव स्थल की व्यवस्थाओं को दुरूस्त कर दिया जाएगा।

-हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम/मेला मजिस्ट्रेट पूर्णागिरि

 

शौचालय खोलने के टेंडर हो चुके हैं। ठेकेदार को निर्देशित किया जा चुका है कि वह बृहस्पतिवार से शौचालयों की सफाई कर खोल दें, ताकि श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना नहीं करना पडे़।

-डॉ.केएस रंजन, ईओ, नगर पंचायत बनबसा

 

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