बरेली: नवाबगंज में बनेगी जिले की पहली बांस की नर्सरी

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रजनेश सक्सेना, बरेली। नवाबगंज में जिले की पहली बांस की नर्सरी बनेगी। मिशन बैंबू के तहत वन विभाग पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इसे तैयार करा रहा है। उद्देश्य है कि किसानों को सस्ते दाम पर बांस के पौधे उपलब्ध कराए जाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान पौधे खरीदकर बांस की खेती के लिए …

रजनेश सक्सेना, बरेली। नवाबगंज में जिले की पहली बांस की नर्सरी बनेगी। मिशन बैंबू के तहत वन विभाग पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इसे तैयार करा रहा है। उद्देश्य है कि किसानों को सस्ते दाम पर बांस के पौधे उपलब्ध कराए जाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान पौधे खरीदकर बांस की खेती के लिए प्रेरित हो सकें।

यह नर्सरी करीब 0.5 हेक्टयेर जमीन पर तैयार की जाएगी। नर्सरी में करीब 7 से आठ प्रजातियों के 16 हजार से अधिक बांस के पौधों को उगाया जाएगा। यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 10 लाख रुपये का है जिसे शुभ कीर्ति प्रोड्यूसर कंपनी पीपीपी मॉडल पर लगा रही है। इसके लिए विभाग की तरफ से कंपनी को 5 लाख रुपये की अनुदान राशि भी दी गई है।

मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने बताया कि यह नर्सरी इसलिए लगाई जा रही है ताकि किसानों को बांस की खेती करने में दिक्कतें न हों। उन्हें आसानी से पौधे बरेली में ही मिल जाएं। बताते चलें कि अभी तक वन विभाग की जिले में केवल 30 नर्सरी हैं लेकिन बांस की कोई भी अलग नर्सरी नहीं थी। नवाबगंज में नर्सरी खुलने के बाद बांस की यह जिले में पहली नर्सरी होगी।

क्या है मिशन बैंबू
शासन ने बांस के खेती को बढ़ावा देने के लिए मिशन बैंबू की शुरुआत की है। मिशन के तहत किसानों को बांस की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें अनुदान राशि भी दी जा रही है। इसी मिशन के तहत वन विभाग नवाबगंज में एक स्पेशल नर्सरी को तैयार करने जा रहा है।

अब कच्चा बांस ही दिलाएगा किसानों को मुनाफा
नेशनल बैंबू मिशन के तहत बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए मंडल में पहला कार्वोनाइजेशन प्लांट लगाया जा रहा है जिससे कच्चे बांस को काटकर उससे अधिक मुनाफा कमाया जा सके। यह प्लांट फरीदपुर में लगाया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने बताया कि यह पूरा प्लांट 30 लाख रुपये का है। जिसे लगाने के लिए शासन की तरफ से 50 फीसदी यानि 15 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जा रही है। बाकी 50 फीसदी धनराशि वह कंपनी खर्च करेगी जो इस प्लांट को लगाएगी। बरेली में यह प्लांट शुभ कीर्ति प्रोड्यूसर कंपनी लागाएगी। उन्होंने बताया कि यह प्लांट फरीदपुर और भुता के बीच खाली पड़ी वन विभाग की जमीन पर लगाया जाएगा। इसके लिए अनुदान राशि भेज दी गई है।

ललित कुमार वर्मा का कहना है कि इस प्लांट की मदद से कच्चे बांस को काटकर उसे पकाया जाएगा जिससे उसकी जिंदगी को बढ़ाया जा सके। इसके लिए बांस के टुकड़े कर तेज तापमान पर कैमिकल लगाकर प्लांट के अंदर तपाया जाएगा। इससे बांस का पूरा पानी सूख जाएगा और बांस पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगा जिससे बांस की कीमत और मांग दोनों बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि अमूमन अभी तक एक बांस को पकने में कम से कम चार से पांच वर्ष का समय लगता है लेकिन अब कार्वोनाइजेशन के बाद इसे पकने में इतना समय नहीं लगेगा। इसकी लंबाई और मोटाई पूरी होने के बाद जब यह कच्चा होगा तभी इसे काट लिया जाएगा। इसके बाद इस प्लांट की मदद से इसे पकाकर बाजार में उतारा जाएगा।

“मिशन बैंबू के तहत यह प्लांट फरीदपुर में लगाया जा रहा है जिसमें तेज तापमान पर कच्चे बांस को पकाकर उसे तैयार किया जाएगा। इसके लिए 50 फीसदी अनुदान राशि शासन की तरफ से दी जा रही है।” -ललित कुमार वर्मा, मुख्य वन संरक्षक

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