हल्द्वानी: कुर्सी बचाने और महानुभाव बनने को रस्सा-कस्सी शुरू

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गौरव पांडेय, हल्द्वानी। तीरथ सिंह रावत सरकार के गठन के बाद अब पदमुक्त हुए महानुभावों के बीच कुर्सी बचाने की दौड़ शुरू हो गई है। दूसरी ओर तमाम और नाम भी महानुभाव बनने की होड़ में लगे हैं। इनके बीच कुर्सी बचाने और हासिल करने की खींचतान चल रही है। यूं तो पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र …

गौरव पांडेय, हल्द्वानी। तीरथ सिंह रावत सरकार के गठन के बाद अब पदमुक्त हुए महानुभावों के बीच कुर्सी बचाने की दौड़ शुरू हो गई है। दूसरी ओर तमाम और नाम भी महानुभाव बनने की होड़ में लगे हैं। इनके बीच कुर्सी बचाने और हासिल करने की खींचतान चल रही है। यूं तो पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सीएम पद से इस्तीफे के साथ स्वत: ही दायित्वधारियों की कुर्सी चली गई थी। लेकिन दो अप्रैल को मुख्य सचिव ओम प्रकाश में बकायदा आदेश जारी कर सभी महानुभावों (संवैधानिक पदों पर निर्धारित अवधिक के लिए नियुक्त को छोड़कर ) को पदमुक्त कर दिया।

नई ताजपोशी की कसरत शुरू हुई
हल्द्वानी। महानुभावों के पद से हटने के बाद नई ताजपोशी की कसरत चल रही है। मुख्यमंत्री तीरथ नए सिरे से महानुभावों की नियुक्ति पर मंथन कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव को देखते हुए जल्द ही महानुभावों की नियुक्ति की जा सकती है। दोबारा कुर्सी देने या फिर नया महानुभाव नियुक्त करने से पहले पार्टी नफा-नुकसान का आकलन करेगी। इसके बाद ही दोबारा दायित्व बांटे जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि 6 मार्च के बाद तीरथ रावत सरकार महानुभावों की नियुक्ति पर निर्णय ले सकती है।

नैनीताल जिले से सात महानुभावों की गई कुर्सी
हल्द्वानी। तीरथ सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में नैनीताल जिले से 10 महानुभावों की नियुक्ति हुई थी। इसमें से मजहर नईम नवाब, अजय राजौर और पीसी गोरखा संवैधानिक पद पर हैं और अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन गजराज बिष्ट, प्रकाश हरबोला, रेनू अधिकारी, फकीर राम, बहादुर सिंह बिष्ट, तरुण बंसल और हरीश दफौटी को पदमुक्त कर दिया गया है।

तरुण दो माह, हरीश को मिला महज 15 दिन का कार्यकाल
हल्द्वानी। सीएम के हटने के बाद नैनीताल जिले के दो महानुभावों का कार्यकाल बेहद छोटा रहा। दर्जा राज्य मंत्री तरुण बंसल दो माह पद पर रहे। जबकि हरीश दफौटी का कार्यकाल महज 15 दिन का रहा। अन्य महानुभावों का लगभग दो साल का कार्यकाल रहा।

महानुभावों की नियुक्ति मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। मुख्यमंत्री संगठन से चर्चाकर नए सिरे से महानुभावों की नियुक्ति करेंगे।
प्रदीप बिष्ट, जिलाध्यक्ष, भाजपा

संबंधित समाचार