काशीपुर: चैती मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सोशल डिस्टेंसिंग गायब

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

काशीपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बीच मां बाल सुंदरी देवी प्रांगण में लगने वाले चैती मेले को भले ही औपचारिक उद्घाटन के बाद स्थगित कर दिया गया हो। लेकिन परंपरा के अनुसार मां भगवती बाल सुंदरी देवी का डोला पक्काकोट मंदिर से चैती मंदिर सरकारी वाहन से पहुंचा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने देवी …

काशीपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बीच मां बाल सुंदरी देवी प्रांगण में लगने वाले चैती मेले को भले ही औपचारिक उद्घाटन के बाद स्थगित कर दिया गया हो। लेकिन परंपरा के अनुसार मां भगवती बाल सुंदरी देवी का डोला पक्काकोट मंदिर से चैती मंदिर सरकारी वाहन से पहुंचा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन किए।

मौहल्ला पक्काकोट स्थित मंदिर में मां भगवती बाल सुंदरी देवी को फूलों एवं पारंपरिक वस्त्रों में सजाया गया। सोमवार की अर्द्धरात्रि पंडा वंश गोपाल, प्रमुख पंडा कृष्ण गोपाल अग्निहोत्री, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री की देखरेख में देवी का विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया। इसके बाद नारियल और जायफल की औपचारिक बली दी गई। परंपराओं का निर्वहन करते हुए पुलिस की निगरानी में पुलिस के सरकारी वाहन से देवी का डोला पक्काकोट मंदिर से पूर्व नियोजित मार्ग से सुबह 4 बजे चैती मंदिर पहुंचा। जहां सुबह से ही देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मां भगवती बाल सुंदरी का डोला 25 अप्रैल की मध्यरात्रि को वापस पक्काकोट मंदिर पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के अंदर केवल दो सौ लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। पहले दिन करीब 6 से 7 हजार श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन किए।

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां

मां भगवती बाल सुंदरी देवी के चैती मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। लेकिन इस दौरान मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गई।

मंगलवार की सुबह चैती परिसर स्थित मां भगवती बाल सुंदरी देवी पहुंच गईं। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए हैं। मंदिर के मुख्य द्वार बंद रखकर छोटा द्वार खोला गया। इस दौरान एक साथ भारी संख्या में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए छोड़ा गया। जिससे मंदिर के बाहर लंबी कतार और परिसर में भारी भीड़ हो गई। इससे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गई। परिसर में पुलिस का एक जवान भी नहीं देखा गया। केवल पीआरडी जवानों ने मोर्चा संभाले रखा। जबकि भीड़ लगातार बढ़ती रही। मंदिर के बाहर सड़क पर ई-रिक्शा का झमघट लगा रहा। जिन्हे हटाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम नहीं दिखे।

ग्राहकों के अभाव में सिंदुर विक्रेता मायूस

काशीपुर। चैती मंदिर के बाहर प्रसाद, सिंदूर आदि की दुकानें सजी रही। प्रसाद की दुकानों को छोड़कर सिंदुर की दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। ग्राहक के अभाव में सिंदुर विक्रेता मायूस दिखे। इस दौरान इक्का दुक्का महिलाएं ही सिंदुर खरीदती दिखी। जिसके चलते विक्रेता परेशान दिखे।

खेल-खलौने और खाने पीने की दुकाने हटाई

मां भगवती बाल सुंदरी का डोला चैती मंदिर पहुंचने के साथ ही चैती मैदान पर सड़क के किनारे खेल-खिलौने और खाने-पीने वाली दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा ली। जिससे इन दुकानों में भड़ी उमड़ पड़ी। सूचना मिलने पर आईटीआई थाना एसओ विद्यादत्त जोशी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने दुकानदारों को वहां से हटवा दिया।

संबंधित समाचार