रुद्रपुर: कोरोना काल में बासी फूलों की तरह मुरझाने लगी है इनकी जिंदगी
रुद्रपुर, अमृत विचार। कोरोना के प्रभाव के कारण कई लोग सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं, तो वहीं कुछ लोगों के ऊपर आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कुछ ऐसे ही हालात हैं रुद्रपुर के फूल विक्रेताओं के, जिनकी जिंदगी बासी फूलों की तरह मुरझाने लगी है। बीते वर्ष की शुरुआत में पहले लॉकडाउन, उसके …
रुद्रपुर, अमृत विचार। कोरोना के प्रभाव के कारण कई लोग सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं, तो वहीं कुछ लोगों के ऊपर आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कुछ ऐसे ही हालात हैं रुद्रपुर के फूल विक्रेताओं के, जिनकी जिंदगी बासी फूलों की तरह मुरझाने लगी है।
बीते वर्ष की शुरुआत में पहले लॉकडाउन, उसके बाद मंदी की मार झेल रहे फूल विक्रेताओं के सामने आर्थिक तंगी का संकट गहराने लगा है। कर्फ्यू की वजह से गांधी पार्क का फूल बाजार सुनसान पड़ा है। फूल विक्रेता बंटी ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से 12 बजे तक भी दुकानों पर नहीं बैठने देते हैं और अगर टाइम थोड़ा भी ज्यादा हो जाता है तो 500 रुपये का चालान काट देते हैं। कमाई बमुश्किल 300 रुपये की हो पाती है। वहीं दूसरे फूल विक्रेता सुरेश ने बताया कि कर्फ्यू के कारण सभी फूल विक्रेताओं की 30 से 35 हजार प्रति माह की होने वाली कमाई प्रभावित हो रही है।
कम मुनाफे के बावजूद दुकान चलाने पर दुकानदारों ने बताया कि 50 से 60 रुपये की बचत से दो जून की रोटी नसीब हो पा रही है। यही स्थिति दूसरे विक्रताओं की भी है। एक तरफ कोरोना महामारी से परिवार जूझ रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर कई परिवारों पर आर्थिक संकट गहराने के कारण भूखे रहने की नौबत आ गई है। आवश्यक है कि सरकार ऐसे परिवारों पर भी ध्यान दे।
