हल्द्वानी: संक्रमण के खतरे को देखते हुए व्यापारियों ने की नदी से हटकर चिता लगाने की अपील

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हल्द्वानी, अमृत विचार। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने रानीबाग में नदी में शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की अपील की है। व्यापारियों ने शव का नदी के रोखड़ में जलाने की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन व मेयर से भी इस ओर ध्यान देने की मांग की है। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने …

हल्द्वानी, अमृत विचार। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने रानीबाग में नदी में शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की अपील की है। व्यापारियों ने शव का नदी के रोखड़ में जलाने की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन व मेयर से भी इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि रानीबाग में नदी के पानी में शव को जलाए जाने का प्रचलन है। इस दौरान मृतक के कपड़े, दवाइंयां आदि भी फेंक देते हैं जो पानी को प्रदूषित करता है। कोविड-19 महामारी के दौर में भी यही हो रहा है। इससे शव से निकलने वाली चर्बी सीधे नदी के पानी में मिल जाती है। इस पानी को हल्द्वानी व आसपास की जनता पीती है इससे हजारों की आबादी में बीमारियों के संक्रमण का खतरा है।

यदि शव का अंतिम संस्कार नदी में पानी के बजाय नदी किनारे रोखड़ किया जाए। बाद में अस्थियों का विसर्जन किया जाए, इससे काफी हद तक संक्रमण को रोका जा सकता है। व्यापार मंडल ने डीएम, एसडीएम, मेयर से इस ओर ध्यान  देने की मांग की है। साथ ही जनता से भी नदी में पानी के बजाय रोखड़ में चिता जलाने की अपील की है। वर्तमान में जब अन्य राज्यों व इलाकों से नदियों में शव मिलने की सूचनाएं सामने आ रही हैं ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम गार्गी नदी को शुद्ध व स्वच्छ रखे। विज्ञप्ति जारी करने वालों में संस्थापक अध्यक्ष हुकम सिंह कुंवर, राजकुमार केसरवानी, अनिल खंडेलवाल, जगमोहन चिलवाल, घनश्याम वर्मा, राकेश बेलवाल आदि शामिल थे।

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