सशस्त्र बलों के लिए सेहत ओपीडी पोर्टल शुरू कर बोले राजनाथ- अस्पतालों का भार कम करने में मिलेगी मदद
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों के लिए टेली मेडिसिन सेवा के लिए ‘सर्विसेज़ ई-हेल्थ असिस्टेन्स एवं टेली-कंसल्टेशन (सेहत) ओपीडी पोर्टल की आज शुरूआत की। राजनाथ सिंह ने गुरूवार को वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से इस पोर्टल की शुरूआत की। यह पोर्टल सेवारत सशस्त्र बलों कार्मिकों, पूर्व …
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों के लिए टेली मेडिसिन सेवा के लिए ‘सर्विसेज़ ई-हेल्थ असिस्टेन्स एवं टेली-कंसल्टेशन (सेहत) ओपीडी पोर्टल की आज शुरूआत की। राजनाथ सिंह ने गुरूवार को वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से इस पोर्टल की शुरूआत की।
यह पोर्टल सेवारत सशस्त्र बलों कार्मिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को टेली-मेडिसिन सेवाएं प्रदान करेगा। वेबसाइट सेहत ओपीडी पर पंजीकरण कर इन सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है। यह उन्नत सुरक्षा सुविधाओं के साथ सेहत ओपीडी पोर्टल का अंतिम संस्करण है। इसका परीक्षण संस्करण पिछले वर्ष अगस्त में शुरू किया गया था। सैन्य सेवा के डॉक्टरों द्वारा बीटा संस्करण पर 6500 से अधिक चिकित्सा परामर्श पहले ही दिए जा चुके हैं।
इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने सैन्य मामलों के विभाग, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं, एकीकृत रक्षा स्टाफ, प्रगत संगणन विकास केन्द्र मोहाली और पोर्टल के विकास में शामिल अन्य संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि यह डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘हमेशा से हमारा प्रयास रहा है कि हमारे देशवासियों को बेहतर, तेज और पारदर्शी सुविधाएं प्रदान की जाएं।’ रक्षा मंत्री ने सेहत ओपीडी पोर्टल को नवाचार का एक बड़ा उदाहरण बताया, खासकर ऐसे समय में जब राष्ट्र कोविड-19 महामारी से लड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल से अस्पतालों का भार कम करने में मदद मिलेगी और मरीज आसान और प्रभावी तरीके से संपर्क रहित परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
रक्षा मंत्री ने सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा से आग्रह किया कि वे इस पोर्टल पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को जोड़ने पर विचार करें और सेवाकर्मियों के घरों में दवाओं के वितरण की सेवा को शामिल करें। उन्होंने कहा कि इससे अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध होंगी और सशस्त्र बलों के कर्मियों को अधिक सुविधा सुनिश्चित होगी।
राजनाथ सिंह ने सुझाव दिया कि सेवाओं के बेहतर वितरण के लिए लाभार्थियों का नियमित फीडबैक लिया जाना चाहिए। राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और सशस्त्र बलों द्वारा दूसरी कोविड-19 लहर के खिलाफ लड़ाई में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होंने डीआरडीओ द्वारा दिल्ली, लखनऊ, गांधीनगर और वाराणसी सहित देश भर में कई स्थानों पर स्थापित कोविड अस्पतालों और ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों के साथ-साथ वायरस से लड़ने के लिए 2-डीजी दवा के विकास का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने कोविड अस्पतालों में अतिरिक्त चिकित्सा पेशेवरों की तैनाती और मामलों में वृद्धि से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एएफएमएस की भी सराहना की। राजनाथ सिंह ने देश-विदेश के भीतर से समय पर ऑक्सीजन और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों के परिवहन के लिए अथक परिश्रम करने के लिए भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना की सराहना की।
उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे अपनी मुहिम में ढिलाई न लाएं और कोविड-19 के खिलाफ युद्ध जीतने तक समर्पण के साथ अपने प्रयास जारी रखें। इस अवसर पर रक्षा प्रमुख जनरल बिपिन रावत, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह, सेनाध्यक्ष जनरल एम एम नरवणे, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, डीजी एएफएमएस सर्जन वाइस एडमिरल रजत दत्ता, डिप्टी चीफ आईडीएस (मेडिकल) लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ सिविल तथा सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
