अल्मोड़ा: किसान विरोधी कानून के खिलाफ कल होगा प्रदर्शन पढ़िए पूरी खबर
अल्मोड़ा, अमृत विचार। संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शनिवार को किसान आंदोलन के विभिन्न घटक भाजपा सांसदों, विधायकों व अन्य भाजपा नेताओं के कार्यालयों और घरों के सामने किसान विरोधी तीन कानूनों की प्रतियां जलाएंगे और इसके विरोध में प्रदर्शन भी करेंगे। उत्तराखंड किसान सभा के जिला …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शनिवार को किसान आंदोलन के विभिन्न घटक भाजपा सांसदों, विधायकों व अन्य भाजपा नेताओं के कार्यालयों और घरों के सामने किसान विरोधी तीन कानूनों की प्रतियां जलाएंगे और इसके विरोध में प्रदर्शन भी करेंगे।
उत्तराखंड किसान सभा के जिला मंत्री दिनेश पांडे ने कहा है कि पिछले पांच जून को ही इन किसान विरोधी कानूनों को अध्यादेशों के रूप में देश की जनता पर थोपा गया था। तभी से इन अध्यादेशों और बाद में बने कानूनों के खिलाफ देश की आम जनता संघर्ष कर रही है और पिछले 6 महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर देश के लाखों किसानों का ऐतिहासिक धरना जारी है।
पांडे ने कहा है कि 5 जून 1974 को ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने तत्कालीन केंद्र सरकार के तानाशाहीपूर्ण रूख के खिलाफ संपूर्ण क्रांति का बिगुल फूंका था। यह जन आंदोलन देश में संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शासन देने और गरीब मजदूर किसानों को खुशहाल बनाने वाली नीतियों को लागू करने की अवधारणा पर आधरित था।
देश के किसान संगठन आज इसी अवधारणा पर आधारित जन आंदोलन का संचालन कर रहे हैं। किसान सभा नेताओं ने कहा कि जिस प्रकार संपूर्ण क्रांति के आंदोलन ने देश की आम जनता को आपातकाल से मुक्ति दिलाई थी। उसी प्रकार कृषि कानूनों के खिलाफ यह देशव्यापी किसान आंदोलन भी देश की जनता को मोदी सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों से मुक्ति दिलाने का प्रयास कर रहा है।
