हल्द्वानी: घबराइए नहीं, अब डेंगू और मलेरिया के आंतक से बचाएगी ‘मलेरिया बूटी’,

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया के बुखार के प्रकोप से बचाएगी मलेरिया बूटी। इस पौधे की पत्तियों का काढ़ा इन बीमारियों में रामबाण है। इसकी उपयोगिता को देखते हुए वन अनुसंधान संस्थान ने लालकुआं नर्सरी में इसकी पौध तैयार की हैं। वन अनुसंधान अधिकारियों के मानसून शुरू होते ही मच्छरों …

हल्द्वानी, अमृत विचार। बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया के बुखार के प्रकोप से बचाएगी मलेरिया बूटी। इस पौधे की पत्तियों का काढ़ा इन बीमारियों में रामबाण है। इसकी उपयोगिता को देखते हुए वन अनुसंधान संस्थान ने लालकुआं नर्सरी में इसकी पौध तैयार की हैं।
वन अनुसंधान अधिकारियों के मानसून शुरू होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। मच्छरों की तादाद बढ़ने से मच्छर जनित बीमारियों डेंगू और मलेरिया का प्रकोप भी बढ़ जाता है। ऐसे में एक पौधा मलेरिया बूटी, इन बीमारियों के लिए रामबाण है। मलेरिया बूटी का वैज्ञानिक नाम आर्टिमिशिया एनुआ है। इसे अंग्रेजी में वर्म वुड और चीनी भाषा में क्विंग हाऊ कहते हैं। इस पौधे की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से डेंगू और मलेरिया के बुखार में प्रभावी है। मलेरिया के इलाज के लिए जो दवाइंयां बनाई गई हैं उसमें भी मलेरिया बूटी की पत्तियों का प्रयोग होता है। इसी लाभ को देखते हुए वन अनुसंधान संस्थान ने लालकुआं स्थित नर्सरी में इसकी पौध विकसित की है। साथ ही जनता को भी इस वनस्पति के बारे में बताया जा रहा है ताकि इसका संरक्षण हो सके और जनता को लाभ मिल सके।

मलेरिया बूटी का पौधा हो तो नहीं आते मच्छर 
वन अनुसंधान के अधिकारियों के अनुसार मलेरिया बूटी का पौधा घर के आसपास लगाने से मच्छर नहीं आते हैं। इस पौधे की पत्तियों से आ रही गंध से मच्छर दूर भागते हैं। ऐसे में यदि घर के आसपास मलेरिया बूटी पौधे लगे हो तो मच्छर नहीं पनपते हैं और लोग डेंगू व मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव हो सकता है।

उप्र, गुजरात व उत्तराखंड में हो रही है खेती
मलेरिया बूटी किसानों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। इस वजह से अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात में मलेरिया बूटी की खेती की जा रही है। जबकि मध्य एशिया यूरोप, चीन, वियतनाम, टर्की, ईरान, अफगानिस्तान, आस्ट्रिया में पहले से ही इसकी खेती होती है।

मलेरिया बूटी के ये हैं फायदे 
= कॉस्मैटिक व सुगंधित तेल के उत्पादन में भी इसका इस्तेमाल होता है
= दवाइंयां बनाने में भी इसकी पत्तियां हैं मददगार
= बाजार में मांग बहुत है इसलिए किसानों की लिए भी है फायदेमंद

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता