कालाढूंगी: जर्जर सड़क बनी आमजन की परेशानी, विभाग लापरवाह
कालाढूंगी, अमृत विचार। कोटाबाग ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली 17 किमी मार्ग में बजनियाहल्दू तक सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। मरम्मत के अभाव में सड़क दम तोड़ चुकी हैं। सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। जर्जर सड़क के चलते वाहन चालक आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। …
कालाढूंगी, अमृत विचार। कोटाबाग ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली 17 किमी मार्ग में बजनियाहल्दू तक सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। मरम्मत के अभाव में सड़क दम तोड़ चुकी हैं। सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। जर्जर सड़क के चलते वाहन चालक आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। अगर हल्की बारिश हुई तो मार्ग पर चलना जोखिम भरा रहता है।
पुरे मार्ग पर छोटे-बड़े खाईनुमा गड्ढों की भरमार है। आलम यह है कि मार्ग पर डामर की परते उखड़ गई हैं। रास्ते पर गिट्टी का बिखरी हैं, जिससे मार्ग पर चलना मुश्किल हो रहा है। थोड़ी सी बारिश से सड़क पर जलजमाव खतरनाक रूप ले लेता है। इससे आए दिन वाहन चालक गड्ढों के जाल में फंस कर चोटिल हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण गांरटी अवधि होने के बाद भी मार्ग की मरम्मत नहीं हो पाना। उपेक्षित मार्ग में जगह-जगह गड्ढे व नोंकदार पत्थर शिकार ताक रहे हैं। ऐसे में आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आसपास गांव के ग्रामीण कई बार जिला प्रशासन से लेकर उच्चाधिकारियों से इस बाबत शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं।
दुर्घटना का कारण बन रहा जर्जर मार्ग
लोगों को मजबूरी में इस मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है, जो कई बार दुर्घटना का कारण भी बन जाता है। वाहन चालक रात को आवागमन करते समय गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जर्जर सड़क की हालत देखकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। अगर बरसात से पहले मार्ग की मरम्मत हो जाए है तो आसपास के ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी नहीं होगी।
मरम्मत की दरकार, विभाग का ध्यान नहीं
मार्ग इतना खराब हो गया है कि जगह-जगह लंबे चौड़े खाईनुमा गड्ढे बन गए हैं। जहां पर गड्ढे नहीं है वहां पर गिट्टी, बोल्डर व नोकीले पत्थर बिखरे पड़े हैं। अगर हल्की बारिश हुई तो मार्ग और भी खतरनाक रूप ले लेता है। ऐसे में अब तक मार्ग की मरम्मत नहीं होना समझ से परे है।
