हल्द्वानी: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसा धारचूला नगर खतरे में, पढ़िए पूरी खबर

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प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसा धारचूला नगर खतरे में है। इसका कारण नेपाल द्वारा काली नदी के अपने छोर पर पक्के तटबंध के साथ सड़क निर्माण करना और भारतीय सीमा में अभी तक तटबंध का निर्माण न होना है। मानसून सिर पर है। ऐसे में तटबंध निर्माण में देरी और गड़बड़झाले की …

प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसा धारचूला नगर खतरे में है। इसका कारण नेपाल द्वारा काली नदी के अपने छोर पर पक्के तटबंध के साथ सड़क निर्माण करना और भारतीय सीमा में अभी तक तटबंध का निर्माण न होना है। मानसून सिर पर है। ऐसे में तटबंध निर्माण में देरी और गड़बड़झाले की शिकायत पर कुमाऊं के कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है।

नेपाल द्वारा काली नदी के किनारे–किनारे सड़क निर्माण कार्य होने से भारतीय क्षेत्र के पिथौरागढ़ में भी बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। सड़क निर्माण के कारण सीमा क्षेत्र में बहने वाली काली नदी का बहाव व दबाव नदी के दूसरे छोर पर स्थित धारचूला नगर की तरफ बढ़ गया है। दरअसल, जिला पिथौरागढ़ के धारचूला ब्लॉक से ही अंतरराष्ट्रीय सीमा शुरु होती है। भारत और नेपाल के बीच काली नदी ही अंतरराष्ट्रीय सीमा का निर्धारण करती है। दोनों देशों के बीच गहरे रिश्ते रहे हैं और रोटी-बेटी जैसे संबंध भी हैं। लेकिन पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन संबंधों में तनाव सामने आया था।

इस संबंध में आयुक्त कुमाऊं मंडल अरविंद सिंह ह्यांकी की तरफ से एक पत्र जारी हुआ है। पत्र के अनुसार यह संज्ञान में लाया गया है कि पिथौरागढ़ के अंतर्गत धारचूला नगर में काली नदी के नेपाल की ओर के छोर पर नेपाल शासन द्वारा पूरी लंबाई में पक्का तटबंध बनाकर नदी के किनारे-किनारे मार्ग निर्माण कर दिए जाने के फलस्वरूप काली नदी का बहाव नदी के दूसरे छोर पर स्थित धारचूला नगर की ओर बढ़ जाने के कारण भारत की आबादी को खतरा बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त भारतीय सीमा में ही रहने वाले घटखोला नाले से भी हो रहे भू-कटाव के कारण धारचूला नगर की आबादी को खतरा उत्पन्न हो गया है।

काली नदी एवं घटखोला नाले से हो रहे कटाव से धारचूला नगर की सुरक्षा हेतु पूर्व में सिंचाई विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर तटबंध स्पर बनाए भी गए हैं, किन्तु प्राप्त सूचनानुसार यह पर्याप्त नहीं हैं और बहुधा क्षतिग्रस्त भी हो गए है। वर्तमान में सिंचाई विभाग एवं नगर पालिका परिषद, धारचूला द्वारा कुछ स्थानों पर तटबंध/स्पर/चैक डैम/सुरक्षा दीवार का निर्माण गतिमान है, किन्तु इनको गुणवत्ता को लेकर विभिन्न शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं। यहां तक कि इस प्रकार के समाचार संज्ञान में आ रहे है कि निर्माण के दौरान ही प्रश्नगत सुरक्षा कार्य क्षतिग्रस्त कमजोर हो चुके हैं, जबकि मानसून की बारिश अभी प्रारंभ नहीं हुई है।

यह स्थिति अत्यन्त चिन्ताजनक होने के साथ-साथ आपत्तिजनक भी है। इसके अतिरिक्त सिंचाई विभाग के द्वारा काली नदी के भारतीय छोर पर नेपाल छोर में बने हुए तटबंध के समान ही स्थायी/पक्का तटबंध सुरक्षा कार्य कराये जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है और इस निमित्त मुख्यमंत्री के द्वारा घोषणा भी की गई, किन्तु कार्य की स्वीकृति एवं वियन की प्रगति भी संतोषजनक नहीं है।
उपर्युक्त परिस्थितियों में धारचूला नगर की काली नदी एवं घटखोला नाले के कटाव से सुरक्षा हेतु गतिमान कार्यों की का परीक्षण करने और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों/योजनाओं पर अपनी संस्तुति देने/अनुरण करने हेतु समिति गठित की गई है।

यह बनी जांच समिति
समिति का अध्यक्ष मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग, हल्द्वानी संजय शुक्ल को नियुक्त किया गया है। अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग पिथौरागढ़ को सदस्य सचिव व अधीक्षण अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़ और उप जिलाधिकारी पिथौरागढ को सदस्य नामित किया गया है। समिति एक सप्ताह में स्थलीय निरीक्षण कर अपनी आख्या एवं संस्तुति सौंपेगी।

समिति इन बिंदुओं पर करेगी जांच
1. काली नदी एवं घटखोला नाले के कटाव से धारचूला नगर की सुरक्षा हेतु सिंचाई विभाग एवं नगर पालिका परिषद, धारचूला द्वारा निकट पूर्व में सम्पादित अथवा गतिमान बाढ़ सुरक्षा कार्यों (तटबंध, स्पर, सुरक्षा दीवार, चैक डैम आदि की एवं प्रगति का परीक्षण एवं समीक्षा कर संबंधितों को मौके पर तकनीकी मार्गदर्शन देते हुए कमियां पाये जाने पर दोषी कार्मिकों/ठेकेदारों के विरुद्ध अपेक्षित कार्यवाही के सम्बन्ध में स्पष्ट संस्तुति।

2. मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुक्रम में धारचूला नगर को काली नदी एवं घटखोला नाले के कटाव से हो रहे संभावित क्षति के स्थायी समाधान हेतु प्रस्तावित कार्यों/योजनाओं की अघतन प्रगति व स्थिति तथा आगामी मानसून के दौरान संभावित खतरों के निवारण के लिए आवश्यक तात्कालिक उपाय किए जाएंगे।

3. जांच समिति के सदस्य सचिव जो समिति के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों के साथ समन्वय कर एक सप्ताह में स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
जल्द करेंगे निरीक्षण

इस संबंध में जांच समिति के अध्यक्ष मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग हल्द्वानी संजय शुक्ल का कहना है कि समिति जल्द ही स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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