रुद्रपुर: गोदाम पर ताला दिखाकर छत के रास्ते बेची जा रही थी शराब, पोल खुली तो मिलीं तीन हजार पेटियां
रुद्रपुर, अमृत विचार। एसओजी और पुलिस टीम को बढ़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कोतवाली के बगवाड़ा क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। जो गोदाम की छत से निकालकर शराब बेच रहा था। एसओजी की टीम ने नकली ग्राहक …
रुद्रपुर, अमृत विचार। एसओजी और पुलिस टीम को बढ़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कोतवाली के बगवाड़ा क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। जो गोदाम की छत से निकालकर शराब बेच रहा था। एसओजी की टीम ने नकली ग्राहक बनकर व्यक्ति को धर दबोचा। उसकी निशानदेही पर ही अवैध शराब और बीयर बरामद की। सूचना पर आबकारी विभाग की निरीक्षक ने भी पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट ने बताया कि टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि बगवाड़ा मंडी के पास स्थित एक बंद गोदाम से शराब निकालकर एक व्यक्ति बेच रहा है। जिस पर एसओजी ने उस व्यक्ति को पकड़ने के लिए एसओजी के दो सिपाही प्रभात चैधरी और पंकज बिनवाल को नकली ग्राहक बनाकर उस व्यक्ति के पास भेजा और उससे शराब की मांग की। जिस पर उस व्यक्ति ने उसे गोदाम के बाहर ले जाकर खड़ा कर दिया और कुछ देर में शराब की तीन पेटी लेकर आया।
जिसके बाद टीम ने उस व्यक्ति को रंगे हाथ हिरासत में ले लिया और पूछताछ में अपना नाम बहेड़ी निवासी रवि बताया। टीम ने उसकी निशानदेही पर उक्त गोदाम पर भी छापा मारा। छापेमारी के दौरान टीम को गोदाम से करीब तीन हजार से अधिक पेटी शराब और बीयर की बरामद हुई। बरमद शराब की कीमत 50 लाख रूपए से अधिक आंकी गई है। एसओजी ने शराब व बीयर अपने कब्जे में ले ली है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 2016 में दिया गया था गोदाम किराये पर
एसओजी की कार्यवाही में बरामद शराब बगवाड़ा मंडी के पास एक गोदाम से बरामद हुई है। गोदाम के मालिक का नाम राकेश जैन बताया जा रहा है। जिन्होने गोदाम शराब आपूर्ति वाली एक कंपनी को वर्ष 2016 में किराये पर दिया था। जिसके बाद वर्ष 2017 से कंपनी माल सहित गोदाम बंद कर चली गई थी। इस दौरान कंपनी ने गोदाम का किराया भी नहीं दिया था और गोदाम मालिक के फोन का सही रिस्पांस भी नहीं कर रहे थे। तब से गोदाम बंद ही पड़ा था। कंपनी का अनुबंध वर्ष 2016 में देहरादून की दून वैली कंपनी से शराब आपूर्ति के लिए हुआ था।
गोदाम की छत काटकर हो रही थी तस्करी
पकड़ा गया व्यक्ति शराब की तस्करी बंद गोदाम की छत के सहारे कर रहा था। उसने टीन से बनी गोदाम की छत पर एक-दो टिनो को काट रखा था। जिसमें से गोदाम के अंदर घुस जाता था और मांग के अनुसार शराब निकालकर लोगो को बेचा करता था। पिछले पांच-छ महीने से वह छत के जरिये शराब निकालकर शराब माफियों को बेच रहा था। जोकि वह बस्तियों और कालोनियों में चोरी छुपे बेचा करते थे।
वर्ष 2016 में हुआ था आबकारी का अनुबंध
मौके पर पहुंची आबकारी निरीक्षक सुमन पाल ने बताया कि वर्ष 2016 में मंडी द्वारा अनुबंध किया जाता था। जिसके तहत देहरादून की एक शराब आपूर्ति कंपनी से अनुबंध हुआ था। जिसके बाद इस जगह गोदाम लेकर कंपनी शराब आपूर्ति कर रही थी। इस दौरान मंडी को कंपनी से एक करोड़ रूपये की लेनदारी भी हो गई। जोकि कंपनी ने अभी तक नहीं दी। उसके बाद एक वर्ष बाद अनुबंध समाप्त होने के बाद कंपनी गोदाम में ताला लगाकर चली गई और न ही कंपनी ने अपना अनुबंध रेन्यूवल कराया। जिसके बाद आबकारी विभाग ने भी कंपनी को कई बार नोटिस भी जारी किया। लेकिन उनकी और से कोई रिस्पांस नहीं आया।
बरामद बीयर हुई खराब
एसओजी द्वारा पकड़ी गई बीयर खराब हो गई है। उसमें कीड़े तक पड़ गये है। आबकारी निरीक्षक सुमन पाल ने बताया कि वर्ष 2017 से बीयर इसी गोदाम में पड़ी है। जिसके कारण वह खराब हो चुकी है। जिन्हे नष्ट किया जाएगा। वही शराब की जांच भी की जाएंगी।
सिर्फ उत्तराखंड के लिए बिकाऊ
बरामद शराब की बोतलो पर सिर्फ उत्तराखण्ड के लिए बिकाऊ लिखा हुआ है। साथ ही शराब की निर्माता कंपनी के पते पर रूड़की का नाम लिखा हुआ है।
यह रहे एसओजी टीम में
इस दौरान एसओजी टीम में प्रभारी कमलेश भट्ट, कानि. प्रभात चैधरी, धर्मवीर, प्रमोद कुमार, पंकज बिनवाल, भूपेंद्र सिंह, विनोद कन्याल, संतोष, गोकुल टम्टा, कुलदीप, नीरज शुक्ला, ललित कुमार, भूपेंद्र आर्य, विनय कुमार, मुकेश कुमार, महिला कानि. अरुणा व कंचन और चालक मदन लाल शामिल थे।
