रामनगर: गर्भवती महिला की मौत का मामला गरमाया
रामनगर, अमृत विचार। इलाज ना मिलने के कारण मंजू देवी व उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की असमय मृत्यु से गुस्साए देव भूमि विकास मंच से जुड़े सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सीएमएस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री ,विधायक , जिलाधिकारी ,सीएमओ , एसडीएम व अस्पताल प्रबंधन को अपनी मांगों से सम्बन्धित …
रामनगर, अमृत विचार। इलाज ना मिलने के कारण मंजू देवी व उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की असमय मृत्यु से गुस्साए देव भूमि विकास मंच से जुड़े सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सीएमएस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री ,विधायक , जिलाधिकारी ,सीएमओ , एसडीएम व अस्पताल प्रबंधन को अपनी मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन दिया।
देव भूमि विकास मंच से जुड़े सामाजिक राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में एकत्र होकर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग के साथ ही शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश था कि प्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण बड़ी सख्यां में लोग असमय ही मौत के शिकार हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा तीरथ सिंह रावत जो प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ स्वास्थय मंत्रालय भी उनके आधीन है। वह रामनगर से सांसद भी हैं उसके बावजूद अस्पताल बदहाल है।
पीपीपी मोड़ में देने के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं और खराब हो गई है । अनुबंध के बावजूद अस्पताल में जरूरी सुविधायें न होने के कारण आज भी यह अस्पताल रैफरल सेन्टर मात्र बन कर रह गया है। मुख्यमंत्री,उनके मंत्री, पार्टी संगठन के पदाधिकारी गण जब रामनगर में विधानसभा चुनाव जीतने के लिये चिंतन शिविर में चिंतन व रणनीति बनाने में मशगूल थे ठीक उसी समय 28 जून सांय 5 बजे एक 24 वर्षीय महिला मंजू देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह निवासी देवायल सल्ट अल्मोड़ा जिसके गर्भ में जुड़वा बच्चे पल रहे थे दम तोड़ देती है।
मुख्यमंत्री एवं उनकी सरकार के संज्ञान में यह सारा मामला आने के बावजूद मौन साध लेते हैं। वक्ताओं का कहना था कि इससे शर्मनाक और क्या बाय होगी कि मृतका के साथ आये परिजनों से वहां मौजूद अस्पताल का स्टॉफ मृतका के शरीर पर लगी नलियों को निकालने से भी मना कर देता है। सामाजिक-राजनैतिक संगठनों से जुडे लोगो ने मुख्यमंत्री व अन्य को भेजे ज्ञापन में मांग की है कि बदहाल स्वास्थय सेवाओं के कारण समय पर मरीजों को समुचित इलाज ने मिलने के कारण असमय हो रही मौतों की जिम्मेदारी व जबाबदेही लेते हुये स्वास्थय सेवाओं को दुरुस्त की जाएं व मंजू देवी व उसके गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों की अस्पताल में समुचित इलाज न मिलने के कारण असमय हुई मौत की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।
मंजू देवी के निधन के बाद संयुक्त चिकित्सालय के स्टाफ द्वारा जो असंवेदनशील का परिचय दिया उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। मृतका के परिजनों को उसकी दो मासूम बेटियों को ध्यान रखते हुए उचित मुवाअजा देंने की मांग की गई है। इस दौरान मनमोहन अग्रवाल, प्रभात ध्यानी, मुनीश कुमार,मनिन्दर सिंह सेठी,लालमणी, ललिता रावत, ललित उप्रेती,इंदर सिंह मनराल, गोपाल असनोड़ा,किरन, पंकज, रईस अहमद,तुलसी छिम्बाल,एस आर टम्टा, गवर सिंह बिष्ट, सरस्वती जोशी, कौशल्या, केसर राणा, दीपक सुयाल, आशा बिष्ट, जगदीश पांथरी रहे।
