भाजपा का 2017 का चुनावी घोषणा पत्र खोलें धामी : हरीश रावत

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हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस के ‘हर दा’ ने अबकि बार भाजपा के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सलाह देकर भाजपा दिग्गजों पर निशाना साधा है। उन्होंने धामी पर भी तंज  कसते हुए कहा कि भाजपा के नाइट वॉचमैन बिना रन बनाए आउट हो या टुक टुक करें लेकिन मेरी चिंता है कि भाजपा की …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस के ‘हर दा’ ने अबकि बार भाजपा के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सलाह देकर भाजपा दिग्गजों पर निशाना साधा है। उन्होंने धामी पर भी तंज  कसते हुए कहा कि भाजपा के नाइट वॉचमैन बिना रन बनाए आउट हो या टुक टुक करें लेकिन मेरी चिंता है कि भाजपा की नीतियों का दंड उत्तराखंड की जनता को नहीं भरना पड़े।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फेसबुक पर पोस्ट  शेयर कर कहा कि नए मुख्यमंत्री को बधाई दी जा चुकी है । आज उन्हें एक सलाह देना चाहता हूं, उनके पास और उनकी पार्टी के पास यह अंतिम  अवसर है कि वो 2017 के अपने चुनावी घोषणा पत्र को खोलें। क्योंकि मुझे नहीं लगता है कि पहले के दोनों मुख्यमंत्री चुनावी घोषणा पत्र खोल पाए हो।  यदि पुष्कर सिंह धामी चुनावी घोषणा पत्र खोल लेते हैं तो उन्हें एक अच्छा विद्यार्थी माना जाएगा।

जिस राज्य में बेरोजगारी की वृद्धि दर 23.30 प्रतिशत पहुंच गई हो। कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों ने किस तरीके से अंडररिर्पोटिंग की है उसकी कहानियां छप रही हों। जहां कुंभ के दौरान कोरोना टेस्टिंग का एक शर्मनाक घोटाला हो गया हो। विकास कार्य ठप, अपराधों की वृद्धि दर सर्वाधिक हो उस राज्य के नए मुख्यमंत्री के लिए बहुत सारी चुनौतियां हैं। मगर एक सलाह और भी मैं उनको देना चाहूंगा कि वो इस मामले में अपने प्रदेश अध्यक्ष के झूठ को उत्तराखंड के नौजवानों के सामने न परोसें। उन्होंने एक झूठ परोसा है कि सात लाख लोगों को नौकरियां दी हैं। मैं समझता हूं कि इतना लंबा झूठ बोलने का रिकॉर्ड और किसी के नाम पर नहीं होगा। यह संख्या केवल कुछ दर्जनों तक सीमित है।

मेरे तीन साल के कार्यकाल में 32 हजार लोग राजकीय सेवाओं में किसी न किसी रूप में कार्यरत हुये। आज यह संख्या भाजपा के राज में 320 तक भी नहीं पहुंच पाई है, नौजवान छटपटा रहा है। हमारे समय में जो अध्याचन हुए थे, वो सब रोक दिए गए हैं, जो परीक्षाएं हुई हैं उन परीक्षाओं के रिजल्ट घोषित नहीं हो रहे हैं।

कुछ जगह यदि परीक्षाएं हुई हैं और रिजल्ट निकले हैं तो पोस्टें सीज्ड कर दी गई हैं जैसे विद्युत विभाग में। यदि पुष्कर धामी इन असंगतियों को भी ठीक कर दें, क्योंकि उनसे अब बड़ी उम्मीद करना उनके ऊपर ज्यादती होगी। क्योंकि भाजपा का रिकॉर्ड रोजगार देने का है ही नहीं। फिर भाजपा के ही कुछ साथी उनको नाइट_वॉचमैन बताते नहीं थक रहे हैं। मैं कल से उत्तराखंड में कुछ सुगबुगाहटें सुन रहा हूं। मेरी चिंता यह नहीं है कि भाजपा के अंदर क्या होता है, उनका नाइटवॉचमैन बिना रन बनाए आउट होता है या कुछ देर टुक-टुक करता है। बल्कि मेरी चिंता यह है कि भाजपा, उत्तराखंड को किस बात का दंड दे रही है अपार बहुमत देने का?

निर्णय कैसे लिए जाते हैं, कांग्रेस से सीखें

मैं, पुष्कर सिंह धामी से कहना चाहूंगा कि मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री होता है, वो कितनी ही अवधि का हो। यदि उसमें निर्णय लेने की संकल्प शक्ति है तो निर्णय लिए जाते हैं। मैंने सर्वाधिक निर्णय उस दौर में लिए जब मेरी सरकार पर केंद्रसरकार ने राजनैतिक अस्थिरता थोप दी थी। एक तरफ न्यायालय में मुकदमे लड़ रहे थे और दूसरी तरफ जनता के हित के लिए जिस दिन भी वक्त मिल रहा था, उस उस दिन फैसला कर रहे थे। जिस दिन मैं एक दिन के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुआ, मैंने एक दर्जन जन कल्याणकारी निर्णय लिए और उनको लागू करवाया। इसलिए भाजपा में तो किसी मुख्यमंत्री का ऐसा रिकॉर्ड नहीं है, वो हमारा रिकॉर्ड खंगाल लें और उस रिकॉर्ड में उनको बहुत सारे उदाहरण मिल जाएंगे कि निर्णय कैसे लिए जाते हैं।

नौजवान थोड़ा सा ही सही, कुछ तो चमक दिखाएं

मेरा किसी भी भाजपाई के साथ कोई सॉफ्टकॉर्नर नहीं रहता है लेकिन नौजवान के साथ जरूर सॉफ्ट कॉर्नर है। एक नौजवान को मौका मिला है तो मैं चाहता हूं कि वो नौजवान थोड़ा सा ही सही, कुछ तो चमक दिखाएं और यदि कुछ भी चमक नहीं दिखा पाया तो हजारों-हजार उत्तराखंड के नौजवानों को घोर निराशा होगी।

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