खटीमा: भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे युवक-युवतियों को एसएसबी ने रोका
खटीमा, अमृत विचार। भारत नेपाल सीमा पर तैनात 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने सीमा में प्रवेश कर रहे आधा दर्जन युवक युवतियों को मानव तस्करी की आशंका में रोका। एसएसबी के उप कमांडेंट और नेपाली एनजीओ द्वारा पूछताछ के बाद उन्हें एनजीओ के सुपुर्द कर दिया। मेलाघाट एसएसबी के जवान कमांडेंट बृजलाल नेगी …
खटीमा, अमृत विचार। भारत नेपाल सीमा पर तैनात 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने सीमा में प्रवेश कर रहे आधा दर्जन युवक युवतियों को मानव तस्करी की आशंका में रोका। एसएसबी के उप कमांडेंट और नेपाली एनजीओ द्वारा पूछताछ के बाद उन्हें एनजीओ के सुपुर्द कर दिया।
मेलाघाट एसएसबी के जवान कमांडेंट बृजलाल नेगी के निर्देशानुसार सोमवार शाम सीमावर्ती छेत्र। में गस्त पर थे। उसी दौरान करीब 6:15 बजे पिलर संख्या 796/1 के पास से सीमा में प्रवेश कर रहे आधा दर्जन युवक युवतियों को रोका। पूछताछ में उनके बयानों में विरोधाभास देखते हुए जवान उन्हें कैंप ले आए और इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी।
जिसपर यहां पहुंचे उप कमांडेंट सुवेंद्र अंबावत व नेपाल की एनजीओ द्वारा पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि गांव सुरखेते, वार्ड 10 दोधारा चांदनी जिला कंचनपुर नेपाल निवासी डंपर बहादुर सुनार व उसकी पत्नी चार युवतियों को दिल्ली, पंजाब में काम दिलाने के लिए ले जा रहे थे जिनमें तीन नाबालिग थीं। एसएसबी ने आशंका व्यक्त की है कि मामला मानव तस्करी का हो सकता है।
बाद में एसएसबी ने सभी के नेपाली मूल के होने के चलते पुलिस की मौजूदगी में नेपाल की एनजीओ के सुपुर्द कर दिया। एसएसबी टीम में कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर मोहम्मद नाजिम, उपनिरीक्षक नारायण सिंह, डोलाजी राठौर, शेखप्पा बॉडर, राजेश मंडल आदि थे।
