हल्द्वानी: अब गढ़वाल को छोड़ कुमाऊं पर मेहरबान हो रही है भाजपा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। राज्य गठन के कई साल बीत जाने के बाद भी उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमाऊं की राजनीति हावी है। यहां पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही क्षेत्रों को ध्यान में रखकर अपनी राजनीतिक चालें चलते हैं। हालांकि उत्तराखंड की राजनीति में गढ़वाल मंडल शुरू से ही हावी रहा है लेकिन इस …

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। राज्य गठन के कई साल बीत जाने के बाद भी उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमाऊं की राजनीति हावी है। यहां पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही क्षेत्रों को ध्यान में रखकर अपनी राजनीतिक चालें चलते हैं। हालांकि उत्तराखंड की राजनीति में गढ़वाल मंडल शुरू से ही हावी रहा है लेकिन इस बार पांच दिनों के अंदर ही भाजपा हाईकमान ने ऐसे फैसले लिए हैं जिससे भाजपा के नजरिए में गढ़वाल की जगह कुमाऊं को ज्यादा तवज्जो मिली है।

भाजपा ने पिछले दिनों तीरथ सिंह रावत को हटाकर पुष्कर सिंह धामी को सीएम बना दिया। तीरथ गढ़वाल से हैं तो वहीं धामी कुमाऊं से ताल्लकु रखते हैं। इधर हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक को केंद्रीय मंत्रीमंडल में शिक्षामंत्री जैसे अहम पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह नैनीताल सांसद अजय भट्ट को केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है। इससे पहले भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री और कुमाऊं से वास्ता रखने वाले भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया।

जब भाजपा ने गढ़वाल के कोटे से सीएम को हटाकर यह पद कुमाऊं की झोली में डाला था तब यह कयास लगाए जा रहे थे कि केंद्रीय मंत्रीमंडल में गढ़वाल से एक और सांसद को शामिल किया जा सकता है। अनुमान लग रहे थे कि पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत को केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल किया जा सकता है। क्योंकि क्षेत्रवाद के संतुलन को साधने के लिए यह जरूरी भी लग रहा था। चौंकाते हुए पीएम मोदी ने न केवल निशंक को केंद्रीय मंत्रीमंडल से हटा दिया बल्कि उनकी जगह गढ़वाल के किसी अन्य सांसद को भी शामिल नहीं किया। ऐसे में भाजपा के पिछले कुछ फैसले इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि गढ़वाल से ज्यादा इस बार कुमाऊं पर भाजपा दांव चलने की तैयारी में है।

कुमाऊं से बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद
हल्द्वानी। जानकारों का कहना है कि कुमाऊं के लोगों की हमेशा शिकायत रहती है कि यहां के नेताओं को केंद्र और राज्य की राजनीति में जो जगह मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पाती है। और भाजपा कुमाऊं के लोगों की इसी भावना को भुनाने के मूड में है। अगर भाजपा यह दांव चला तो उसको आने वाले विधानसभा चुनाव में कुछ बढ़त मिल सकती है। वहीं कांग्रेस ने सीएम पद के लिए हरीश रावत को अपना चेहरा घोषित कर दिया है। हरीश रावत कुमाऊं के हैं। ऐसे में भाजपा का यह दांव उन्हें भी कुछ मुश्किल में डाल सकता है।

 

संबंधित समाचार