बरेली: ब्याज माफी योजना धड़ाम, फिर बढ़ाई तारीख
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में व्यापारियों के लिए संजीवनी बताई जा रही वाणिज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना धरातल पर धड़ाम हो गई। बड़ी संख्या में कर बकायदारों ने योजना का लाभ लेने के लिए न तो पंजीकरण कराया न ही विभाग में पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं। इसके चलते सरकार ने तीन …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में व्यापारियों के लिए संजीवनी बताई जा रही वाणिज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना धरातल पर धड़ाम हो गई। बड़ी संख्या में कर बकायदारों ने योजना का लाभ लेने के लिए न तो पंजीकरण कराया न ही विभाग में पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं। इसके चलते सरकार ने तीन महीने योजना चलाने के बाद फिर दो सितंबर तक बढ़ा दी है।
सूत्रों का कहना कि राजस्व संग्रह में मंडल ही नहीं पूरे प्रदेश का रिकॉर्ड खराब रहा है। जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था, उसका मात्र 12 फीसदी राजस्व ही एकत्र हुआ है। यह हाल देखते हुए सभी जोनल अधिकारियों को बकाया वसूली प्रमाण-पत्र निकाल कर व्यापारियों से बात करने और योजना में जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शासन स्तर से 31 दिसंबर 2020 तक वाणिज्य कर विभाग की जो भी मांग व्यापारियों पर बन चुकी थी, उस पर ब्याज, अर्थदंड को माफ करने के लिए तीन मार्च 2021 से तीन माह के लिए ब्याज माफी योजना लागू की गई थी। इसमें उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम, उत्तर प्रदेश आमोद कर एवं कर अधिनियम को शामिल किया गया था।
योजना में 310 करोड़ रुपये का राजस्व पूरे प्रदेश में जुटाने के लिए निर्देश थे, जिसमें मंडल में करीब दस करोड़ जुटाना था। लेकिन जब पिछले दिनों इस योजना के तहत राज्य में जो राजस्व एकत्र हुआ, तो लक्ष्य के मुकाबले मात्र 12 फीसदी ही राजस्व एकत्र होने की जानकारी लगी। राजस्व वसूली में पिछड़ने की वजह कोरोना काल बताया गया।
इसके चलते एक बार फिर सरकार ने 31 मई को खत्म हो चुकी ब्याज माफी योजना को दो सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। एडीशनल कमिश्नर ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वसूली प्रमाण निकाल कर व्यापारियों से बात करें और उन्हें ब्याज माफी योजना की जानकारी देकर शामिल करें।
