हल्द्वानी: कुमाऊं का पहला मोटर ड्राइविंग स्कूल अधर में लटका
बबीता पटवाल, हल्द्वानी। शहर में बनने वाला कुमाऊं का पहला ड्राइविंग स्कूल अधर में लटक गया है। शासन ने साल 2017 में कुमाऊं में मोटर ड्राइविंग स्कूल बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए शासन ने परिवहन विभाग के नाम गौलापार में 20 एकड़ जमीन नाम पर कर दी थी। जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया …
बबीता पटवाल, हल्द्वानी। शहर में बनने वाला कुमाऊं का पहला ड्राइविंग स्कूल अधर में लटक गया है। शासन ने साल 2017 में कुमाऊं में मोटर ड्राइविंग स्कूल बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए शासन ने परिवहन विभाग के नाम गौलापार में 20 एकड़ जमीन नाम पर कर दी थी। जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के दावे किए गए थे।
लेकिन चार साल बीतने के बाद अब विभाग को ही यह नहीं पता कि मामला कहां तक पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि परिवहन मंत्रालय से ही इस परियोजना को बनाने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार नहीं की गई, जिसकी वजह से शासन स्तर से बजट नहीं मिल पाया है।
यह होता फायदा
उत्तराखंड में मोटर ड्राइविंग स्कूल अभी तक देहरादून में ही है। इसके चलते कुमाऊं मंडल में भी ड्राइविंग स्कूल बनाने की घोषणा की गई थी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता कि कुमाऊं के निवासियों को वाहन चलाना सीखने के लिए गैर सरकारी स्कूलों में नहीं जाना पड़ता। इसके साथ ही जिन आवेदकों को लर्निंग लाइसेंस बनवाना होगा, उनका भी इस स्कूल में भौतिक रूप से टेस्ट लिया जाना था। वहीं, वाहनों की फिटनेस भी यहां होनी थी। यह प्रक्रिया पारदर्शिंता के साथ होती और आरटीओ कार्यालय में दलालों से भी मुक्ति मिलती।
एक नहीं कई पेच फंसे
इससे पहले भी कई पेंच फंसने से 20 एकड़ जमीन परिवहन विभाग के नाम स्थानांतरित नहीं हो पा रही थी। अब परिवहन मंत्रालय की शिथिलता इस घोषणा के आड़े आ गई है। इस घोषणा में यहां मोटर ट्रेनिंग स्कूल, ड्राइविंग ट्रैक और वाहनों की फिटनेस जांच के लिए स्वचालित जांच लाइन का निर्माण होना था।
इसे दिखवाया जाएगा
मोटर ड्राइविंग स्कूल बनने को लेकर अभी कोई नयी जानकारी नहीं है। इसका अभी अपडेट लिया जा रहा है। – राजीव कुमार मेहरा, आरटीओ
